नई दिल्ली/इंफाल : मणिपुर में भीड़ द्वारा दो महिलाओं को निर्वस्त्र करके घुमाए जाने की घटना की जांच केन्द्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) द्वारा की जाएगी और सरकार इस मामले में मुकदमे की सुनवाई राज्य से बाहर कराने का अनुरोध करेगी। अधिकारियों ने बृहस्पतिवार को यह जानकारी दी। उन्होंने बताया कि सुनवाई पड़ोसी राज्य असम की अदालत में कराने का अनुरोध किया जाएगा। अधिकारियों ने यह भी कहा कि केन्द्रीय गृह मंत्रालय मेइती और कुकी समुदायों के संपर्क में है तथा मणिपुर में शांति बहाली के लिए बातचीत काफी आगे बढ़ चुकी है। मणिपुर में करीब तीन महीने से जारी जातीय हिंसा के कारण अभी तक 160 से ज्यादा लोगों की मौत हुई है।

चार मई को महिलाओं के साथ हुई उत्पीड़न की इस घटना का वीडियो इस महीने सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद देश भर में आक्रोश व्याप्त हो गया था। दूसरी ओर मणिपुर के बिष्णुपुर जिले में बृहस्पतिवार को दो समूहों के बीच गोलीबारी हुई। अधिकारियों ने यह जानकारी दी। उन्होंने बताया कि राज्य की राजधानी से करीब 50 किलोमीटर दूर यहां फौबाकचाओ इखाई में हुई गोलीबारी के दौरान एक घर को भी जला दिया गया।

अधिकारियों ने बताया कि दो पक्षों के बीच गोलीबारी में शामिल भीड़ को खदेड़ने के लिए पुलिसकर्मियों को हस्तक्षेप करना पड़ा। अधिकारियों के मुताबिक, हमले के दौरान तेरा खोंगसांगबी के समीप स्थित घर में आग लगा दी गई। उन्होंने बताया कि अभी यह जानकारी नहीं है कि घटना में कोई हताहत तो नहीं है। मणिपुर में करीब तीन महीने पहले कुकी और मेइती समुदाय के बीच जातीय हिंसा भड़की थी और तब से इसमें 160 से ज्यादा लोगों की मौत हो चुकी है और सैकड़ों लोग घायल हुए हैं।