शिलांग/गुवाहाटी : लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरड़ला ने शनिवार को मणिपुर में शांति का आह्वान करते हुए कहा कि तीन मई को हिंसा भड़कने के बाद से राज्य में जो घटनाएं हुई हैं, वे ‘पीड़ादायक’ हैं। बिरला ने यहां राष्ट्रमंडल संसदीय संघ के एक सम्मेलन को संबोधित करते हुए कहा कि केवल शांति ही राज्य और क्षेत्र में समृद्धि ला सकती है। बिड़ला ने परोक्ष तौर पर मणिपुर में हिंसा की ओर इशारा करते हुए कहा कि मेरा हृदय द्रवित है। राज्य में जो भी घटनाएं हुईं, वे ठीक नहीं थीं। इससे हम सभी को दुख हुआ। बिड़ला ने कहा कि देश और प्रदेश के साथ-साथ सभी समाजों को शांति के रास्ते पर चलना होगा। उन्होंने कहा कि हमें लोगों को फिर से बसाने के लिए प्रयास करना चाहिए। इसलिए हम मानवता के दृष्टिकोण से शांति का आह्वान करते हैं।

पूर्वोत्तर राज्य मणिपुर तीन मई से जातीय हिंसा की चपेट में है, जिसमें 160 से ज्यादा लोगों की जान जा चुकी है।दूसरी ओर पांच दशकों के बाद 30 जुलाई यानी रविवार असम को  अपने नए स्थायी विधानसभा भवन मिलेगा। असम विधानसभा के नए भवन का उद्घाटन लोकसभा अध्यक्षए ओम बिड़ला करेंगे। इस दौरान असम के मुख्यमंत्री हिमंत विश्वशर्मा और केंद्रीय मंत्री सर्वानंद सोनोवाल भी उपस्थित रहेंगे।  उल्लेखनीय है कि लंबे समय से प्रतीक्षित असम विधान सभा के नए भवन के उद्घाटन में वर्तमान और पूर्व सांसद, असम विधान सभा के सदस्य और अन्य विशिष्ठ अतिथियों की  मौजूद रहने की उम्मीद है। असम विधान सभा के उपाध्यक्ष डा.नुमल मोमिन ने कल नए विधानसभा के उद्धाटन को लेकर  उत्साह व्यक्त करते हुए कहा कि सभी तैयारियां हो चुकी हैं।

लोकसभा अध्यक्ष, असम के मुख्यमंत्री, कैबिनेट सहयोगियों और असम विधानसभा के सदस्यों के साथ इस अवसर पर उपस्थित रहेंगे। हम कार्यक्रम के लिए पूरी तरह से तैयार हैं। नए विधानसभा भवन में आधुनिक विशेषताएं हैं, इसके उद्घाटन के तुरंत बाद ई-विधान तकनीक को शामिल करने की योजना है। यह एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर साबित होगा, क्योंकि असम की पहली आधुनिक विधानसभा होगी, जो विधायी कार्यवाही को सुव्यवस्थित करने के लिए उन्नत सुविधाओं से सुसज्जित होगी।

उन्होंने कहा कि आधिकारिक उद्घाटन से पहले 29 जुलाई को दिसपुर में नवनिर्मित असम विधान सभा भवन में एक शुभ समारोह एवं गृह पूजन आयोजित किया गया था। समारोह के दौरान असम विधानसभा अध्यक्ष विश्वजीत दैमारी ने विधानसभा के ऐतिहासिक महत्व को बताया। उन्होंने कहा कि विधानसभा 1937 का है जब यह दिसपुर में स्थानांतरित होने से पहले शिलांग में स्थित था। उन्होंने यह आशा भी व्यक्त की कि नया विधानसभा भवन राज्य के लोगों की चिंताओं और मुद्दों को संबोधित करने के लिए एक मंच के रूप में काम करेगा।