गुवाहाटी : नाबालिग लड़कियों के उत्पीडऩ मामले में गौहाटी हाई कोर्ट ने पूर्वांचल प्रहरी में प्रकाशित एक समाचार पर संज्ञान लेते हुए एक आरोपी की जमानत याचिका रद्द कर दी। इससे पहले इस मामले में बीते 23 फरवरी को अरुणाचल प्रदेश के पॉक्सो कोर्ट के विशेष न्यायाधीश ने आरोपी को जमानत दे दी थी, जिसके बाद इस फैसले को बदलते हुए गौहाटी हाईकोर्ट ने बीते 21 जुलाई को आरोपी की जमानत रद्द करने का आदेश दिया। गौरतलब है कि आरोपी युमकेन बागरा अरुणाचल प्रदेश के शि योमी जिले के मोनिगोंग के कारो गांव में सरकारी आवासीय विद्यालय में हॉस्टल वार्डन के रूप में कार्यरत था। उक्त छात्रावास में रहने वाली दो जुड़वां नाबालिग लड़कियों के पिता ने बीते 01-11-2022 को एक शिकायत दर्ज कराई थी, जिसमें आरोप लगाया गया था कि वार्डन ने नाबालिग लड़कियों के साथ कई बार यौन उत्पीडऩ, छेड़छाड़ और दुष्कर्म करने प्रयास किया। साथ ही यह भी आरोप लगाया गया कि उसने असहाय पीडि़ताओं को अश्लील फिल्में देखने के लिए भी मजबूर किया।
उक्त शिकायत के आधार पर मोनिंगगोंग पुलिस स्टेशन में पॉक्सो अधिनियम की धारा 10/12/14(1)/15(1)/2 के तहत 2/2023 के तहत दंडनीय अपराध के लिए एफआईआर दर्ज कराई गई थी, जिसके बाद आरोपी युमकेन बागरा को गिरफ्तार कर लिया गया। सह-अभियुक्त डेनियल पर्टिन को भी अभियुक्त को शरण देने के आरोप में गिरफ्तार किया गया था। जांच से पता चला कि हॉस्टल में रहने वाले कम से कम 21 नाबालिग बच्चों का आरोपियों द्वारा यौन उत्पीडऩ किया गया था। पीडि़तों को साइकोट्रोपिक दवाओं का सेवन करने के लिए मजबूर किया गया था, जिन्हें जांच के दौरान जांच अधिकारी ने जब्त कर लिया था। 27-01-2023 को आरोपी और सह-अभियुक्त डैनियल पर्टिन के खिलाफ आरोप पत्र दायर किया गया। अभियुक्तों की ओर से दायर पिछली दो जमानत अर्जी विशेष न्यायाधीश, पॉक्सो, यूपिया द्वारा खारिज कर दी गई थी।
हालांकि, दिनांक 23-02-2023 के आदेश के तहत ट्रायल कोर्ट ने आरोपी द्वारा दायर तीसरी जमानत अर्जी स्वीकार कर ली गई। इस जमानत पर आपत्ति जताते हुए कानूनी सहायता वकील निकिता डेंगगेन, जिन्हें अदालत की ओर से पीडि़तों की सहायता के लिए नियुक्त किया गया था ने आग्रह किया कि आरोपी को उपलब्ध रिकॉर्ड पर विचार किए बिना जमानत दी गई और इसलिए इसे रद्द किया जाना चाहिए। अरुणाचल प्रदेश के महाधिवक्ता आई चौधरी ने भी अदालत से आरोपी को दी गई जमानत को रद्द करने का आग्रह किया। उपरोक्त चर्चा के आधार पर गुवाहाटी हाईकोर्ट ने विशेष न्यायाधीश, पॉक्सो, यूपिया द्वारा दिनांक 23-02-2023 को अभियुक्त युमकेन बागरा को जमानत देने का पारित आदेश निरस्त कर आरोपी को दी गई जमानत रद्द कर दी। हाईकोर्ट ने आरोपी युमकेन बागरा को तुरंत हिरासत में लेने का भी निर्देश दिया गया।