गोलाघाट : मुख्यमंत्री ने सोमवार को गोलाघाट जिले के बोकाखात महकमे में 85 करोड़ रुपए की लागत से विभिन्न परियोजनाओं का उद्घाटन और शिलान्यास किया। मुख्यमंत्री ने सोमवार को बोकाखात में 10 करोड़ रुपए की लागत से एकीकृत खेल परियोजना के प्रथम चरण का उद्घाटन किया। इसके अलावा सीएम ने 10 करोड़ रुपए की लागत से नया निरीक्षण बंगला, 9 करोड़ रुपए की लागत से एक पालतू पशुओं के लिए एक अत्याधुनिक चिकित्सालय और 56 करोड़ रुपए की लागत से काजीरंगा में एक एकीकृत हथकरघा पार्क की आधारशिला रखी। इसके बाद मुख्यमंत्री डॉ. शर्मा ने 9वें राष्ट्रीय हथकरघा दिवस के अवसर पर बोकाखात में राज्य स्तर पर आयोजित किया गया केन्द्रीय कार्यक्रमों में भी भाग लिया। इसके अलावा उन्होंने बोकाखात में मिशन इन्द्रधनुष 5.0 भी लॉन्च किया।
उल्लेखनीय है कि सीएम ने आज बोकाखात में बनने वाले निरीक्षण बंगला की मुख्यमंत्री ने आज आधारशिला रखी। उन्होंने कहा कि दस करोड़ रुपए की लागत से बनने वाला यह निरीक्षण बंगला सरकारी अधिकारियों के लिए बहुत महत्वपूर्ण होगा और पर्यटन क्षेत्र को भी बढ़ावा देगा। इस मौके पर मुख्यमंत्री ने कहा कि असम के सभी जिलों के साथ गोलाघाट जिला का भी समान विकास होगा। उन्होंने कहा कि वे असम के सभी जिलों को समान रूप से विकसित करके असम को समृद्ध बनाना चाहते हैं। इसके अलावा मुख्यमंत्री ने बोकाखात में एकीकृृत खेल परियोजना के पहले चरण में निर्माण कार्य पूरा होने का उद्घाटन किया। मुख्यमंत्री ने आशा जताई कि यह एकीकृृत खेल परियोजना क्षेत्र में खेल प्रतिभाओं के विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने में सक्षम होगी।
खेल परियोजना के पहले चरण के निर्माण पर लगभग दस करोड़ रुपए खर्च किए गए हैं। यहां एक हजार दर्शकों के बैठने की सुविधा है। वहीं दूसरी ओर मुख्यमंत्री ने काजीरंगा के पानबाड़ी में एकीकृृत हथकरघा पार्क में राष्ट्रीय हथकरघा दिवस समारोह कार्यक्रम को संबोधित किया। उन्होंने कहा है कि स्वतंत्रता आंदोलन के समय अपने खादी और स्वदेशी आंदोलन के दौरान गांधी जी ने टिप्पणी की थी कि असमिया महिलाएं अपने कपड़ों में परियों की कहानियां बुनती हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि इस राष्ट्रीय हथकरघा दिवस पर आइए असम के कालातीत हस्तनिर्मित चमत्कारों के लिए विशेष प्रशंसा के साथ परंपरा की समृद्ध टेपेस्ट्री को गले लगाएं। उन्होंने कहा कि मूगा, गोल्डेन रेशम असम के अलावा कहीं और नहीं पाया जाता है।
असम पाट और एंड़ी के साथ परंपरा और गर्मजोशी की कहानियां बुनता है। हमारी विरासत विश्व बाजारों को समृद्ध बनावट, अद्वितीय डिजाइन और असाधारण लालित्य प्रदान करती है। उन्होंने कहा कि आइए उन कारीगरों का सम्मान करें, जो हाथ से बुनी गई हर कृृति में असम के जादू को बुनना जारी रखते हैं। अन्य कार्यक्रम के तहत मुख्यमंत्री ने बोकाखात के अंतर्गत स्थित पानबाड़ी अंचल में आयोजित नौवें राष्ट्रीय हस्त शिल्प दिवस के मौके पर विभिन्न योजनाओं का शुभारंभ किया। इस क्रम मुख्यमंत्री ने बरजूरी स्वास्थ्य केंद्र के अंतर्गत पानबारी के टानीष कर्मकार नामक एक 18 महीने के शिशु को पोलियो की खुराक देकर सर्वात्मक मिशन इंद्रधनुष 5.0 का शुभारंभ किया।