गुवाहाटी : ऊपरी असम में एक ओर अल्फा (स्वतंत्र) बड़े पैमाने पर धन उगाही कर रहा है वहीं दूसरी ओर कथित तौर पर पुलिस पर अल्फा के कथित लिंकमैन पर फर्जी एनकाउंटर का आरोप लगा है। एक तरफ जहां अल्फा ने डीजीपी को असम छोडऩे की चेतावनी दी है वहीं दूसरी ओर खुद सीएम ने अल्फा चीफ परेश बरुवा को खुलेआम असम आने का न्योता दिया है। इसी बीच पुलिस महानिदेशक जीपी सिंह ने अल्फा अभियान पर   चर्चा के लिए ऊपरी असम के 10 जिलों के पुलिस अधीक्षकों के साथ दो महत्वपूर्ण बैठकें कीं।

डीजीपी जीपी सिंह ने बुधवार को तिनसुकिया के सम्मेलन भवन में पुलिस अधीक्षकों के साथ कानून व्यवस्था की समीक्षा बैठक की। बैठक में ऊपरी असम में कुछ चाय बागानों से अल्फा द्वारा जबरन वसूली की बढ़ती घटनाओं और स्वतंत्रता दिवस से पहले आतंकवादी समूह की संभावित हमले की योजनाओं पर चर्चा हुई। एसपी के साथ पहली बैठक में लखीमपुर, धेमाजी, गोलाघाट, जोरहाट, डिब्रुगढ़, तिनसुकिया, सदिया, गोलाघाट, शिवसागर और चराइदेव जिलों के एसपी और शीर्ष पुलिस अधिकारी शामिल हुए। बैठक में ऊपरी असम में तैनात केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल, सीआरपीएफ, सेना और असम राइफल्स के शीर्ष  अधिकारियों ने भी भाग लिया। बैठक में ऊपरी असम में अल्फा की गतिविधियों में हालिया वृद्धि पर चर्चा की गई। 

इसके बाद पुलिस महानिदेशक जीपी सिंह ने ऑयल इंडिया के शीर्ष अधिकारियों के साथ एक अहम बैठक की। जीपी सिंह ने अल्फा द्वारा तेल पाइपलाइनों में विस्फोट की संभावना और तेल कंपनी के अधिकारियों और कर्मचारियों के अपहरण के खतरे की चेतावनी दी। हालांकि, जीपी सिंह ने बैठक के बारे में पत्रकारों से कोई बात नहीं की लेकिन उन्होंने यह कहा कि फर्जी मुठभेड़ के दोषियों के खिलाफ कार्रवाई करने में अल्फा को कोई आपत्ति नहीं होनी चाहिए।