नई दिल्ली : लोकसभा में बुधवार को कांग्रेस सहित विपक्षी दलों ने केंद्र सरकार पर देश के ज्वलंत मुद्दों को नजरंदाज करने का आरोप लगाते हुए कहा कि सत्तारूढ़ पार्टी देश में नफरत और घृणा को बढ़ावा दे रही है, मणिपुर जल रहा है और प्रधानमंत्री चुप हैं। कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि आज की सच्चाई है कि मणिपुर को सरकार ने बांट दिया गया है, वहां हिन्दुस्तान की हत्या की गई है तथा हरियाणा और देश के कई अन्य हिस्सों में नफरत का 'केरोसिन छिड़क दियाÓ है। संसद के मानसून सत्र में अविश्वास प्रस्ताव पर दूसरे दिन की बहस राहुल गांधी की स्पीच से शुरू हुई। राहुल ने अपने 35 मिनट के भाषण में भारत जोड़ो यात्रा और मणिपुर पर बात की। राहुल ने कहा- हमारे प्रधानमंत्री आज तक मणिपुर नहीं गए।
उनके लिए मणिपुर हिंदुस्तान नहीं है। मैं रिलीफ कैंप गया। महिलाओं-बच्चों से बात की। प्रधानमंत्रीजी ने आज तक नहीं किया। सेना एक दिन में वहां शांति ला सकती है। आप ऐसा नहीं कर रहे हो, क्योंकि आप हिंदुस्तान में मणिपुर को मारना चाहते हो। आप भारत माता के रखवाले नहीं, आप भारत माता के हत्यारे हो। वहीं, राहुल के भाषण के जवाब में केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी बोलीं- राहुल भारत माता की हत्या की बात करते हैं। कांग्रेस ताली बजाती है। ये इस बात का संकेत है कि मन में गद्दारी किसके है। स्मृति ने राहुल गांधी पर महिला सांसदों के साथ अभद्र व्यवहार का आरोप लगाया। भाजपा ने इसकी शिकायत स्पीकर से की है।
राहुल के आरोपों को सिरे से खारिज करते हुए 1984 के सिख विरोधी दंगों और कश्मीर में अशांति एवं कश्मीरी पंडितों पर अत्याचार का मुद्दा उठाया और कहा कि 'कांग्रेस का इतिहास खून से सना है'और विपक्ष को महिला सुरक्षा, गरीब कल्याण, नौजवानों के हितों एवं देश के विकास से कोई सरोकार नहीं है। लोकसभा में कांग्रेस सांसद गौरव गोगोई के अविश्वास प्रस्ताव पर चर्चा में हिस्सा लेते हुए कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी ने मणिपुर की स्थिति को लेकर केंद्र सरकार पर तीखा प्रहार किया और आरोप लगाया कि पूर्वोत्तर के इस राज्य में 'भारत माता' की हत्या की गई है और ऐसा करने वाले लोग 'देशद्रोही' हैं।
उन्होंने कहा प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के मणिपुर का दौरा नहीं करने को लेकर उन पर निशाना साधा और दावा किया कि प्रधानमंत्री इस राज्य को हिंदुस्तान (का हिस्सा) नहीं समझते। उन्होंने आरोप लगाया कि आज की सच्चाई है कि मणिपुर को आपने बांट दिया है, तोड़ दिया है। सत्तापक्ष के सदस्यों की टोकाटोकी के बीच कांग्रेस नेता ने यह भी कहा कि भारत एक आवाज है और अगर इस आवाज को सुनना है तो अहंकार और नफरत को त्यागना होगा। उन्होंने लोकसभा सदस्यता बहाल होने के बाद सदन में यह वक्तव्य दिया और सदस्यता बहाल करने के लिए लोकसभा अध्यक्ष का आभार व्यक्त किया। राहुल गांधी के वक्तव्य के दौरान सदन में सत्तापक्ष और विपक्ष के सदस्यों के बीच कई बार तीखी नोकझोंक हुई। हंगामे के बीच पृथ्वी विज्ञान मंत्री किरेन रिजीजू ने आरोप लगाया कि देश में 70 साल तक राज करने वाली कांग्रेस ने पूर्वोत्तर को बर्बाद कर दिया था।
राहुल गांधी ने अपने मणिपुर दौरे के अनुभव का उल्लेख किया और सरकार पर आरोप लगाया कि आपने मणिपुर में हिंदुस्तान की हत्या की है। भारत माता की हत्या की है और ये भारत माता के रखवाले नहीं हो सकते। कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष ने सरकार पर आरोप लगाया कि आप देशद्रोही हैं, आप देशप्रेमी नहीं हैं। इसलिए आपके प्रधानमंत्री मणिपुर नहीं जा रहे। उन्होंने केंद्र सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि इस देश के लोगों की एक आवाज है, देश के लोगों का दुख-दर्द है, कठिनाइयां हैं। राहुल ने कहा कि इस आवाज को सुनने के लिए हमें अपने अहंकार को खत्म करना पड़ेगा। तभी हमें इस हिन्दुस्तान की आवाज सुनाई देगी। कांग्रेस सांसद राहुल गांधी की टिप्पणियों पर पलटवार करते हुए केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी ने कहा कि पूरे देश ने देखा कि राहुल गांधी ने भारत माता की हत्या की बात की और कांग्रेस के लोग यहां मेज थपथपा रहे थे, संसदीय इतिहास में ऐसा कभी नहीं हुआ।
विपक्षी सदस्यों की टोकाटोकी के बीच ईरानी ने राहुल के एक बयान के जवाब में कहा कि मणिपुर खंडित नहीं है, विभाजित नहीं है, वह देश का अभिन्न अंग है। ईरानी ने कांग्रेस पर निशाना साधते हुए कहा कि उन्होंने न सिखों के साथ इंसाफ किया, न ही नौजवानों, किसानों के हितों की चिंता की और न ही महिलाओं की सुरक्षा पर ध्यान दिया। ईरानी ने कहा कि ऐसे में जो देश के लोगों, महिलाओं, गरीबों और नौजवानों की बात कर रहा है, उस पर देश फिर से विश्वास करेगा। 2024 में फिर से नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में सरकार बनेगी। उन्होंने कहा कि देश की जनता कभी भी उनकी (राहुल गांधी) माताजी के हाथों में देश की तिजोरी की चाबी नहीं देगी। स्मृति ईरानी ने यह दावा भी किया कि उनसे पहले के वक्ता कांग्रेस सांसद (राहुल गांधी) ने सदन से जाते हुए अभद्र आचरण दर्शाया है और ऐसा आचरण संसद में कभी नहीं देखा गया।