जोरहाट : राज्य के मुख्यमंत्री डॉ. हिमंत विश्व शर्मा ने आज जोरहाट के पहले रेल ओवरब्रिज का उद्घाटन किया। दो दिवसीय दौरे पर बुधवार को जोरहाट पहुंचे मुख्यमंत्री ने आज दोपहर तीन लेन न-आली ओवरब्रिज का उद्घाटन करने के साथ जल जीवन मिशन की साठ योजनाओं के अलावा चाय बागानों में पर्यटन को बढ़ावा देने  के लिए विशेष पहल का भी शुभारंभ किया, वहीं जोरहाट के रौरेया एयरपोर्ट को नया रूप प्रदान करने के साथ एयरपोर्ट की सड़क मार्ग को फोरलेन युक्त निर्माण करने के कार्य का भी उद्घाटन किया। जोरहाट की विकास यात्रा शीर्षक कार्यक्रम में अपने संबोधन में मुख्यमंत्री ने कहा कि लोकनिर्माण विभाग का मंत्री रहते हुए इस  ओवरब्रिज की आधारशिला रखी गई थी। इस पुल के निर्माण में भले ही कुछ समय लगा हो, लेकिन आज इस फ्लाई ओवर को जनता को समॢपत कर खुशी हो रही है। 88 करोड़ रुपए की लागत से करीब आठ सौ मीटर लंबे इस तीन लेन रेल ओवरब्रिज के निर्माण को लेकर 19 करोड़ रुपए की राशि भूमि अधिग्रहण हेतु खर्च की गई थी।

वहीं जोरहाट के जेएमसीएच के सामने बन रहे अन्य एक फ्लाई ओवर का उद्घाटन भी आगामी फरवरी माह में किए जाने का आश्वासन मुख्यमंत्री ने दिया। इसके अलावा मुख्यमंत्री ने शहर में दो अन्य फ्लाई ओवर निर्माण की घोषणा भी समारोह के दौरान की। इसमें 83 करोड़ रुपए की लागत से जोरहाट-मरियानी के बीच तथा बरुवा चाराली से भोगदोई पुल तक फ्लाई ओवर का निर्माण-कार्य शीघ्र शुरू होने की बात सीएम ने कही। उन्होंने जोरहाट-मरियानी के फ्लाई ओवर की आधारशिला अगले एक महीने के भीतर जिले की अभिभावक मंत्री अजंता नेउग रखेगी। वहीं छह से सात महीने के भीतर बरुवा चाराली से भोगदोई पुल के निर्माण की आधारशिला रखी जाएगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि फ्लाई ओवर का जब निर्माण शुरू होता है तो लोगों को काफी असुविधा भी होती है। इसे लेकर वे सरकार को कोसते भी हैं और अपना गुस्सा भी जाहिर करते हैं। लेकिन जब काम पूरा हो जाता है तो उन्हें खुशी की अनुभूति भी होती है।

ऐसे में सरकार इस तरह के कार्य के जरिए लोगों को पीड़ा देने के साथ खुशी भी देती है। मुख्यमंत्री ने जोरहाट के रोरैया एयरपोर्ट के करीब एक किलोमीटर रास्ते को 156.9 करोड़ रुपए की लागत से फोरलेन युक्त करने की बात कही। इसके लिए 140 करोड़ रुपए भूमि अधिग्रहण में खर्च किए जाएंगे। इसके साथ ही जोरहाट एयरपोर्ट को भी नया रूप मिलेगा। जोरहाट-गुवाहाटी के बीच रोजाना चलने वाली सीधी फ्लाइट सेवा के शीघ्र शुरू होने की बात सीएम ने कही। इधर जोरहाट केंद्रीय कारागार से देश की स्वाधीनता का एक बड़ा इतिहास जुड़े होने की बात कहते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि 150 करोड़ रुपए की लागत से केंद्रीय कारागार में उद्यान निर्माण का काम सरकार ने हाथों में लिया है। वहीं जोरहाट में पेयजल को सबसे बड़ी समस्या बताते हुए मुख्यंमत्री ने कहा कि राज्य सरकार ने जोरहाट में पेयजल की आपूॢत के लिए 130 करोड़ रुपए का आवंटन किया है, जिसका डीपीआर भी तैयार कर लिया गया है।

इसके अलावा जल जीवन मिशन के तहत वाटर सप्लाई स्कीम की साठ योजनाओं का शुभारंभ करते हुए सीएम ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के सपने को साकार करने के उद्देश्य से लोगों को शुद्ध पेयजल उपलब्ध करवाना उनकी प्राथमिकता है। इस कड़ी में जल जीवन मिशन असम के लिए गेम चेंजर साबित होगा। समारोह के दौरान चाय उद्योग के दो सौ वर्ष होने पर चाय बागानों के जरिए असम के पर्यटन को बढ़ावा देने की बात कहते हुए सीएम ने बागानों में ब्रिटिश काल में बने बंगले को टूरिस्ट लॉज के रूप में तैयार करने का आह्वान किया। इसके लिए राज्य के कुल 25 चाय बागानों के बंगले को टूरिस्ट लॉज बनाने हेतु सरकार की तरफ से दो-दो करोड़ रुपए देने की घोषणा की गई। टूरिस्ट लॉज बनाने हेतु सभा में शिवसागर जिले के नाजिरा स्थित संतक चाय बागान के मालिक उत्तम शर्मा व गोलाघाट जिले के रंगाजान चाय बागान के मालिक बसंत खेतान को औपचारिक तौर पर अनुमोदन पत्र प्रदान किया गया।

उन्होंने कहा कि राज्य के पर्यटन उद्योग में 527 प्रतिशत वृद्धि हुई है। जोरहाट को आधुनिक असम की पहली राजधानी बताते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि जोरहाट का एक गौरवशाली इतिहास रहा है। ऐसे में इस गौरवशाली इतिहास में विकास की यात्रा को जोड़कर इस इतिहास को सुनहरे अक्षरों में लिखने का प्रयास मौजूदा सरकार कर रही है। सभा में राज्य के जनस्वास्थ्य विभाग के मंत्री जयंत मल्ल बरुवा, सांसद तपन कुमार गोगोई, कामाख्या प्रसाद तासा, विधायक हितेंद्रनाथ गोस्वामी ने भी अपना संबोधन रखा। समारोह में वित्त मंत्री अजंता नेउग, विधायक रूपज्योति कुर्मी, तरंग गोगोई, भवेंद्रनाथ भराली, भास्कर ज्योति बरुवा सहित कई पदाधिकारी मौजूद थे।