गुवाहाटी : असम पुलिस ने बुधवार को सभी पुलिसकर्मियों के लिए शरीर द्रव्यमान सूचकांक (बीएमआई) परीक्षण शुरू कर दिया है। पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) जीपी सिंह ने सबसे पहले खुद परीक्षण कराया। डीजीपी ने यहां संवाददाताओं से कहा कि मुख्यमंत्री हिमंत विश्वशर्मा के निर्देश पर हमने असम पुलिस को अधिक स्वस्थ और फिट बनाने का संकल्प लिया है और इसकी शुरुआत बीएमआई परीक्षण से की गई है।
डीजीपी 25 बीएमआई के साथ परीक्षण में सफल रहे। उन्होंने कहा कि हमने 16 मई को तय किया था कि तीन महीने के बाद सभी पुलिसकर्मियों का बीएमआई परीक्षण शुरू किया जाएगा। उन्होंने बताया कि इसके तहत हमने 67 हजार से अधिक पुलिसकर्मियों का डेटा एकत्र किया और राज्य में 36 स्थानों पर बीएमआई परीक्षण शुरू किया। दूसरे चरण में मोटापे की श्रेणी (30 बीएमआई से ऊपर) में आने वाले सभी पुलिसकर्मियों को देरगांव स्थित पुलिस प्रशिक्षण कॉलेज जाने की सलाह दी जाएगी। वहां उन्हें सरकारी चिकित्सकों एवं पोषण विशेषज्ञों के निर्देशन में तीन महीने तक रखा जाएगा ताकि उनका बीएमआई 30 से नीचे लाया जा सके।
सिंह ने कहा कि हमने अगले साल तक बीएमआई 28 का लक्ष्य रखा है और इसके साथ पुलिसकर्मियों के ब्लड शुगर और रक्तचाप का डेटाबेस भी तैयार किया जाएगा। उन्होंने यह भी कहा कि जब पूरा डेटाबेस तैयार हो जाएगा तो आवश्यक चिकित्सा परामर्श उपलब्ध कराया जाएगा और राज्य सरकार इस दिशा में हर संभव सहायता के लिए तैयार है। मुख्यमंत्री शर्मा ने वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों के साथ एक बैठक के दौरान पुलिस प्रशासन पर 'बोझ' बन चुके कर्मचारियों को हटाने की वकालत की थी। उनका इशारा शराब पीने वाले, अत्यधिक मोटापे वाले और भ्रष्टाचार के आरोप वाले पुलिसकर्मियों की तरफ था।