विश्वनाथ चारिआली :- एक युग का अंत हो गया ब्रिटिश के अलिभार साहब द्वारा पुराने चाय के पेड़ों को उखाड़ने के लिए लाए गए हाथी बिजुली प्रसाद की आज सुबह मौत हो गई। विश्वनाथ के बिहाली चाय बागान के बेदेती में इस हाथी की उम्र लगभग 90 से 95 वर्ष थी। यह भारत का सबसे वरिष्ठ हाथी की सूची में शामिल था।हाथी की मौत की खबर से लोगो मे दुख की लहर है। जोकि यह हाथी इलाके में कई भावनाओं से जुड़ा हुआ था। आज अंतिम संस्कार में बिहाली विधायक रंजीत दत्त, बरगांग वन अधिकारी चक्रपाणि रॉय, चाय बागान अधिकारी उदीप्त चरा के कार्यकर्ता और अन्य लोग शामिल हुए लोगो ने श्रद्वान्जली दी, वही लोगो के के अनुसार यह हाथी को एशिया का सबसे बूढ़ा हाथी माना जाता है।
विश्वनाथ में ब्रिटिश जमाने के हाथी बिजुली प्रसाद अब नहीं रहा