नई दिल्ली : भारत को अपना पहला आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) स्कूल मिल गया है। देश का पहला एआई स्कूल शांतिगिरी विद्याभवन को केरल की राजधानी तिरुवनंतपुरम में खोला गया है। मंगलवार को पूर्व राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने एआई स्कूल का उद्घाटन किया। पहला एआई स्कूल कक्षा 8 से 12 तक के छात्रों के लिए होगा। एआई स्कूल में छात्रों को कई शिक्षकों का समर्थन, टेस्टिंग के विभिन्न स्तर, योग्यता परीक्षण, परामर्श, करियर के लिए योजना बनाने में मदद और चीजों को बेहतर ढंग से याद रखने की ट्रिक जैसी सुविधाएं मिलेंगी। यदि आप सोच रहे हैं कि स्कूल में मानव शिक्षक नहीं होंगे और इसके बजाय चैटजीपीटी कक्षा में बच्चों को पढ़ाएगा, तो ऐसा नहीं है।
दरअसल, देश के पहला एआई स्कूल भी अन्य शैक्षिक संस्थान की तरह ही है। हालांकि, एआई स्कूल में छात्रों के सीखने के अनुभव को बढ़ाने के लिए आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) और एडवांस्ड टेक्नोलॉजिकल सिस्टम की मदद ली जाएगी। मातृभूमि की रिपोर्ट के अनुसार, एआई स्कूल, आई-लर्निंग इंजन अमरीका और वैदिक ई-स्कूल के बीच सहयोग से खोला गया है। यानी यह शिक्षा का एक नया युग शुरू होने जैसा है। इस प्रोजेक्ट पर पूर्व मुख्य सचिव, डीजीपी और कुलपति जैसे विशेषज्ञ लोग काम करेंगे। यहां छात्रों को पढ़ाने के लिए एआई की मदद ली जाएगी। साथ ही इसकी मदद से पाठ्यक्रम डिजाइन, पर्सनलाइज्ड लर्निंग, मूल्यांकन और छात्र सपोर्ट सहित शिक्षा के विभिन्न पहलुओं में मशीन लर्निंग, नैचुरल लैंग्वेज प्रोसेसिंग और डाटा एनालिसिस जैसी एआई टेक्नोलॉजीज का एंट्रीग्रेशन शामिल है।
वैदिक ई-स्कूल के अधिकारियों के अनुसार, एआई स्कूल एक इनोवेटिव शिक्षण दृष्टिकोण पेश करता है, जो छात्रों को अंतर्राष्ट्रीय स्तर की शिक्षा प्रदान करने के लिए आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस की पावर का उपयोग करता है। यह अनूठी प्रणाली स्कूल के ऑनलाइन पोर्टल के माध्यम से न केवल स्कूल के समय के दौरान, बल्कि उसके बाद भी मलिटी लर्निंग एक्सपीरियंस सुनिश्चित करती है। नए एआई स्कूल में शुरुआत में कक्षा 8वीं से 12वीं तक के छात्रों को पढ़ाया जाएगा। वैदिक ई-स्कूल के अधिकारियों ने बताया कि एआई स्कूल नई राष्ट्रीय शिक्षा नीति (एनईपी) 2020 के राष्ट्रीय स्कूल मान्यता मानकों से समर्थित है। यह शुरुआत में कक्षा 8 से 12 तक के छात्रों को व्यापक रूप से लर्निंग टूल और रिसोर्स प्रदान करेगा। स्कूल की एआई-संचालित सुविधाओं में मल्टी-टीचर रिवीजन सपोर्ट, मल्टीलेवल असेसमेंट, एप्टीट्यूड टेस्ट, साइकोमेट्रिक काउंसलिंग, करियर मैपिंग, क्षमता में वृद्धि, मेमोरी तकनीक, संचार और लेखन कौशल, इंटरव्यू और ग्रुप डिस्कशन स्किल, मैथमेटिक्स स्किल, व्यवहार शिष्टाचार, अंग्रेजी भाषा में अच्छी पकड़ और इमोशनल और मेंटल क्षमताओं का विकास प्रशिक्षण शामिल हैं।