जनता की शुभकामना तथा आशीर्वाद प्राप्त कर आज से 100 दिन पहले हमारी नई सरकार ने शपथ ली थी। एक विकासात्मक परिवर्तन का सपना लेकर हमने अपनी यात्रा की शुरुआत की। इस सपने को साकार करने के लिए 100 दिनों का समय काफी नहीं है। खासकर तब जब प्रशासनिक क्षेत्र में काम करने की बात आती है। फिर भी एक सार्थक परिवर्तन के लिए बीजारोपण किया जा चुका है और आने वाले समय में वह फूल-फल से भरा पेड़ का रूप ले लेगा, उसका भी पूर्वानुमान किया गया है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी का नारा सबका साथ, सबका विकास को अपनाकर हम भी राज्य में एक जनता  आधारित प्रशासन का बुनियाद गढ़ने जा रहे हैं। नागरिकों के साथ अनवरत संपर्क बनाए रखना और प्रशासन में जन भागीदारी कायम रखना बहुत ही जरूरी है। इस तरह की जन भागीदारी का एक उत्कृृष्ट उदाहरण है -सरकारी अपील  के बाद आर्थिक रूप से कमजोर नागरिकों के हित के लिए आर्थिक रूप से सशक्त नागरिकों द्वारा राशन कार्ड का अधिकार छोड़ देना।  कोविड महामारी की दूसरी लहर के दौरान राज्य में दयनीय स्थिति में रह रहे लोगों के लिए हमारी सरकार ने कई कदम उठाए। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी के मार्गदर्शन में टीम असम ने इस कार्य में अपनी पूरी ताकत लगा दी थी। उक्त कार्य के दौरान हमारी रणनीति रही परीक्षण, चिकित्सा, खोज तथा टीकाकरण, जिसे अंग्रेजी में test, treat, trace and vaccinate कहते हैं। इसके अलावा अनेक स्वास्थ्य विशेषज्ञों द्वारा व्यक्त शंका के आधार पर कोविड-19 की संभावित तीसरी लहर के कारण होने वाली हानि की मात्रा यथासंभव कम करने के लिए भी यथोपयुक्त तैयारी की जा चुकी है। हमारे कोविड योद्धा लड़ाई के मैदान में सामने की पंक्ति में रहकर नेतृत्व दे रहे हैं और इस महामारी के खिलाफ लड़ाई में असम को विजयी बनाने के लिए भरसक कोशिश कर रहे हैं। हमारे स्वास्थ्यकर्मियों के अथक प्रयास के कारण  हम राज्य में कोविड संक्रमितों का संक्रमण दर 9.13 प्रतिशत से 0.73 प्रतिशत तक घटाने में कामयाब हो चुके हैं। इसके साथ ही 13.56 मैट्रिक टन आक्सीजन उत्पादन करने वाले संयत्रों की स्थापना करने, राज्य के चिकित्सा महाविद्यालयों में आईसीयू की संख्या 793 से 1,308 तक बढ़ाने तथा 1 करोड़ 48 लाख लोगों के टीकाकरण पूरा करने में कामयाब हुए हैं। कोविड-19 से हमारे राज्य में होने वालीे दीर्घकालीन हानि की हमने पहचान की।  खासकर महामारी में माता-पिता को खोने वाले बच्चों की जो अपूरणीय हानि हुई है हमने उस समस्या के समाधान के लिए कार्य किया। इस संदर्भ में मुख्यमंत्री की शिशु सेवा योजना के तहत उन बच्चों को 24 साल की उम्र तक पालन-पोषण के लिए मासिक अनुदान देने का फैसला लिया गया है। हमारे 100 दिनों के कार्यकाल में कोविड पर जीत हासिल करने की कोशिश के अलावा हमारे समाज को खोखला कर देने वाले, हमारी सभ्यता-संस्कृृति के प्रति खतरा पैदा करने वाले तथा हमारे भविष्य को धुंधला कर देने वाले कई अभिशापों से मुक्ति पाने के लिए हमने कड़े कदम उठाए हैं। मुझे विश्वास है कि एक प्रगतिशील असम के लिए एक ड्रग्समुक्त समाज की जरूरत है। असम में ड्रग्स व नार्कोटिक्स का काारोबार राज्य में प्रणालीबद्ध व्यवस्था बन चुकी थी। असम पुलिस ने पिछले 100 दिनों में उसे विनष्ट करने के लिए भरसक कोशिश कर रही है।  इस कोशिश के फलस्वरूप 183 करोड़ रुपए के ड्रग्स जब्त किए गए है और इस कारोबार से जुड़े 1,760 लोगों को गिरफ्तार किया गया है। हम कड़े हाथों से इस अभिशाप को दबाएंगे और एक ड्रग्समुक्त असम का निर्माण करेंगे। हमारी संस्कृृति में हजारों सालों से गो-धन की पूजा चली आ रही है और हमने हमेशा गो-सुरक्षा को प्राथमिकता प्रदान की। हमने चुनावी घोषणा पत्र में भी इसका उल्लेख किया था। चुनावी वादों को पूरा करने के प्रयास में असम गो-सुरक्षा कानून, 2021 को पारित कर लिया गया। इस कानून के जरिए हम काफी दिनों से अबाध रूप में चले आ रहे गो-धन के कारोबार और राज्य के बीच से होकर गो-धन की तस्करी बंद करना चाहते हैं। इसके अलावा हमारे मंदिरों और नामघरों के परिसरों को हो रहे अवैध अतिक्रमण से मुक्त करने की भी हम कोशिश कर रहे हैं। हमने जो संकल्पपत्र की घोषणा की थी वह हमारे लिए एक पवित्र दस्तावेज है। गत 100 दिनों में हम उस संकल्प पत्र में निहित संकल्पों का पालन कर रहे हैं तथा उनके पालन के लिए कड़ी मेहनत की है। हमने जो वादा किया था उसके अनुसार अरुणोदय योजना की राशि 830 रुपए से 1,000 रुपए तक बढ़ाई गई है तथा 6.38 लाख नए हितधारकों को इस योजना में शामिल किया गया है। हमारी चुनावी वादे के अनुसार माइक्रोफाइनेंस के ऋण लेने वालों को राहत देने के लिए असम माइक्रोफाइनेंस उत्साह और राहत योजना- 2021 नामक एक योजना प्रस्तुत किया गया है। चाय बागानों के मजदूरों की मजदूरी ब्रह्मपुत्र घाटी में 167 रुपए से बढ़ाकर 205 रुपए तक तथा बराक घाटी में 145 रुपए से बढ़ाकर 183 रुपए तक बढ़ा दी गई है जो 2021 के फरवरी महीने से प्रभावी होगा। पंडित दीनदयाल उपाध्याय के अंत्योदय दर्शन ही हमारे नीतियों का आधार है और हम समाज के अंतिम नागरिकों के लिए भी सहायता के हाथ बढ़ाने की इस नीति पर अमल करेंगे। तोक्यो ओलंपिक में असम की बॉक्सर लवलीना बरगोहाईं की ऐतिहासिक सफलता हर असमवासियों के लिए गौरव का विषय है। इस सफलता को काफी हर्षोल्लास से मनाया गया ताकि 2024 ओलंपिक में कई लवलीना योग्यता हासिल कर सकें। आगामी पांच सालों को एक सुनहरे अध्याय का रूप देने के लिए पिछले 100 दिनों में कुछ सार्थक रूपांतर साधनों की बुनियाद स्थापित की गई है। न्यूनतम सरकार,सर्वाधिक प्रशासन की नीति के तहत क्षमता के विकेंद्रीकरण के लिए जिला उपायुक्तों को अधिक क्षमता दी गई है ताकि जलजीवन अभियान, औद्योगिक भूमि आबंटन तथा बाढ़ पीड़ितों को राहत देने के लक्ष्य तक पहुंचने में कम-से-कम समय लगे। उक्त सीमित समय सीमा के भीतर ही असम किराएदार तथा मालिकों के बीच के विवादों को सुलझाने के लिए एक मॉडल किराएदार कानून लागू करने वाले देश के पहले राज्य के रूप में अपना स्थान बना लिया है। एक इथेनॉल पॉलिसी प्रस्तुत करने के क्षेत्र में भी असम देश के एक प्रमुख राज्य है। पिछले 100 दिनों में ही पहली बार के लिए राज्य की सभी सरकारी भूमि का एक डॉटाबेस बना लिया गया है।  असमवासियों के लिए वर्तमान समय बहुत ही महत्वपूर्ण है। केंद्र  तथा राज्य में भाजपा सरकार होने के कारण राज्य के विभिन्न योजनाओं को बिना रोक-टोक कार्यान्वित करने में कामयाब हुए हैं। पिछले तीन महीनों में केंद्रीय सरकार के विभिन्न मंत्रियों के सहयोग से हम जलजीवन मिशन, प्रधानमंत्री आवास योजना तथा प्रधानमंत्री किसान योजना की तरह मुख्य केंद्रीय योजनाओं के कार्यान्वयन की गति तेज कर रहे हैं।  अतीत में केंद्र सरकारों ने पूर्वोत्तर के राज्यों के बीच की सीमाओं को धुंधला और अनिश्चित बनाकर रखी थी। पिछले 100 दिनों में कई दशकों की यह समस्या, खासकर नगालैंड, मेघालय तथा मिजोरम के साथ असम की सीमा विवाद की समस्या को सुलझाने की दिशा में काफी प्रगति हुई है। आजादी का अमृत महोत्सव मनाने में असम को एक ऐतिहासिक सफलता मिली है। 1979 के बाद पहली बार के लिए इस वर्ष के स्वतंत्रता दिवस के कार्यक्रम को किसी भी संगठन की ओर से वर्जित नहीं किया गया। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी के नेतृत्व में असम के विकास  के विषय को काफी महत्व मिलने के कारण ही हम इस प्रकार की प्रगति देख पा रहे हैं। जनता के प्यार और आशीर्वाद को लेकर ही हमने यात्रा की शुरूआत की थी। हम चाहते हैं कि हमारी इस यात्रा में जन भागीदारी बनी रहे। आने वाले समय में भी हम जनता के सहयोग से पूर्ण ताकत के साथ राज्य के विकास के लिए काम करते रहने के लिए संकल्पबद्ध हैं।