नई दिल्ली : दिल्ली में 9 और 10 सितंबर को होने वाली जी-20 समिट में 19 देशों के प्रतिनिधि शामिल होंगे। इसमें अमरीका और फ्रांस के राष्ट्रपति समेत ब्रिटेन और जापान के प्रधानमंत्री भी आएंगे। भारत विदेशी मेहमानों की सुरक्षा के लिए पुख्ता व्यवस्था कर रहा है। भारतीय वायुसेना हवाई क्षेत्र की सुरक्षा के लिए स्वदेशी सर्विलांस और मॉनिटरिंग एयरक्राफ्ट नेत्र तैनात करने की तैयारी कर रही है। वायुसेना का यह एयरक्राफ्ट फरवरी 2019 में बालाकोट स्ट्राइक के समय भी चर्चा में था। तब पाकिस्तानी एफ-16 लड़ाकू विमानों की निगरानी के लिए इसे तैनात किया गया था। दिल्ली की हवाई सुरक्षा के लिए मिसाइलें भी तैनात की जाएंगी। सेना के हेलिकॉप्टर एयर पेट्रोलिंग करेंगे।

इनमें एनएसजी कमांडो रहेंगे। समारोह स्थल के आसपास बड़ी और ऊंची इमारतों पर सेना और एनएसजी स्नाइपर तैनात होंगे। पहली बार एंटी ड्रोन सिस्टम लगाया गया है, यानी समिट के दौरान पतंग भी नहीं उड़ेगी। समिट की सुरक्षा के लिए दिल्ली में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस आधारित कैमरे भी लगाए गए हैं। कोई भी संदिग्ध गतिविधि दिखने पर ये कैमरे तुरंत सुरक्षा अधिकारी को अलर्ट मैसेज भेज देंगे। जहां विदेशी मेहमान ठहरेंगे, वहां एंटी ड्रोन सिस्टम और बुलेट प्रूफ शीशे लगवाए गए हैं। वहीं, आईटी एक्सपर्ट की टीम समिट के दौरान सोशल मीडिया पोस्ट, ट्रेंड्स पर नजर रखेगी। जी 20 सम्मेलन के लिए आ रहे वर्ल्ड लीडर्स को चांदनी चौक के स्पेशल फूड और मिलेट्स के अलावा स्ट्रीट फूड परोसा जाएगा।

जी 20 इंडिया के विशेष सचिव मुक्तेश परदेशी के मुताबिक शिखर सम्मेलन के लिए 10 हजार से ज्यादा लोगों के दिल्ली आने की उम्मीद है। इसके लिए शेफ मेनू को फाइनल टच देने के लिए ओवर टाइम काम कर रहे हैं। जी-20 समिट के लिए केंद्र सरकार ने लेफ्ट हैंड ड्राइव कारें मंगाई हैं। ये गाड़ियां बुलेट-प्रूफ होंगी और इनका इस्तेमाल विदेशी मेहमानों को लाने-ले जाने के लिए किया जाएगा।