गुवाहाटी : असम के मुख्यमंत्री डॉ. हिमंत विश्वशर्मा ने सोमवार को केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह और भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा से  मुलाकात की। साथ ही इस दौरान राज्य से सशस्त्र बल विशेषाधिकार अधिनियम (आफस्पा) को पूरी तरह से हटाने की रूपरेखा पर चर्चा की।  डॉ. शर्मा ने कहा कि गृह मंत्री के सुझावों के आधार पर उनकी सरकार आगे कदम उठाएगी। 30 मिनट तक चली इस बैठक के दौरान मुख्यमंत्री डॉ. शर्मा और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने असम से आफस्पा को पूरी तरह से हटाने के रोडमैप पर विस्तार से चर्चा की। मुख्यमंत्री डॉ. शर्मा ने राज्य में कानून और व्यवस्था की स्थिति में उल्लेखनीय सुधार, कई शांति समझौतों पर हस्ताक्षर के बाद भारी मात्रा में हथियार और गोला-बारूद के साथ चरमपंथी संगठनों के भूमिगत कैडरों के आत्मसमर्पण और सुरक्षा कर्मियों और नागरिकों की मौतों में भारी गिरावट के कारण आफस्पा को हटाने का अनुरोध किया।

केंद्रीय गृह मंत्री ने असम से आफस्पा  को पूरी तरह से हटाने का मार्ग प्रशस्त करने के लिए मुख्यमंत्री डॉ. शर्मा को कुछ सुझाव दिए। डॉ. शर्मा ने शाह को आश्वासन दिया कि राज्य सरकार उनके सुझावों के आधार पर आगे कदम उठाएगी। बाद में एक्स (पूर्व में ट्विटर) हैंडल पर मुख्यमंत्री डॉ. शर्मा ने कहा कि असम से सशस्त्र बल विशेष अधिकार अधिनियम की पूर्ण वापसी के रोडमैप पर चर्चा करने के लिए मैंने आज माननीय केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से उनके आवास पर मुलाकात की। असम सरकार माननीय गृह मंत्री के सुझावों के आधार पर आगे कदम उठाएगी। गौरतलब है कि पूरे असम में 1990 से ही अशांत क्षेत्र अधिसूचना लागू थी। 1 अप्रैल, 2022 को, नौ जिलों और कछार जिले के लखीपुर महकमे को छोड़कर पूरे असम राज्य से आफस्पा हटा दिया गया था।

बाद में कछार जिले के लखीपुर महकमे से भी आफस्पा वापस ले लिया गया था। गौरतलब है कि यह कानून अशांत क्षेत्रों में तैनात सशस्त्र बलों और केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बलों (सीएपीएफ) को कानून का उल्लंघन करने वाले किसी भी व्यक्ति को मारने, बिना वारंट के किसी भी परिसर की गिरफ्तारी और तलाशी लेने और केंद्र सरकार की मंजूरी के बिना अभियोजन और कानूनी मुकदमों से सुरक्षा देने की शक्ति देता है। गृह मंत्रालय के मुताबिक साल 2014 की तुलना में 2022 में पूर्वोत्तर में चरमपंथी घटनाओं में 76 प्रतिशत की कमी आई है। इसी तरह इस अवधि के दौरान सुरक्षाकर्मियों और नागरिकों की मौतों में क्रमश: 90 प्रतिशत और 97 प्रतिशत की कमी आई है। मुख्यमंत्री डॉ. शर्मा ने गुवाहाटी में अपने स्वतंत्रता दिवस के संबोधन में कहा था कि उनकी सरकार का लक्ष्य 2023 के अंत तक राज्य से आफस्पा को पूरी तरह से हटाना है।

उन्होंने कहा था कि हमारी सरकार के सत्ता में आने के बाद अब असम के आठ जिलों में आफस्पा लागू है। हमारी सरकार का लक्ष्य इस साल के अंत तक राज्य से आफस्पा को पूरी तरह से हटा लेना है। हमारी सरकार के सत्ता में आने से पहले पिछली सरकारों ने केंद्र से 62 बार आफस्पा को बढ़ाने का अनुरोध किया था। अब स्थिति में सुधार हो रहा है। डॉ. शर्मा ने यह भी कहा कि उनके कार्यकाल के दौरान विद्रोही समूहों के साथ चार शांति समझौतों पर हस्ताक्षर किए गए और लगभग 8,000 आतंकवादियों को मुख्यधारा की राजनीति में एकीकृत किया गया है।