गुवाहाटी : मुख्यमंत्री डॉ. हिमंत विश्वशर्मा ने बृहस्पतिवार को बराक घाटी के विकास में एक नया आयाम जोड़ते हुए कछार और हैलाकांडी जिलों में कई परियोजनाओं का उद्घाटन और शिलान्यास किया। मुख्यमंत्री ने जल जीवन मिशन, असम के तहत 70 करोड़ रुपए की लागत से 8 विधानसभा क्षेत्रों को कवर करने वाली 75 योजनाओं का भी उद्घाटन किया। मुख्यमंत्री ने 538 करोड़ रुपए की लागत से 4 परियोजनाओं का शिलान्यास और 229 करोड़ रुपए की लागत से 5 परियोजनाओं का उद्घाटन किया। मुख्यमंत्री ने कुल 767 करोड़ रुपए की लागत से इन परियोजनाओं का उद्घाटन और शिलान्यास किया, जिससे बराक घाटी में विकास का एक नया संदेश आया। आज मुख्यमंत्री डॉ. शर्मा ने 48 करोड़ रुपए की लागत से एकीकृत कछार जिला आयुक्त कार्यालय, 16 करोड़ रुपए की लागत से  कांफ्रेंस सेंटर, 210 करोड़ रुपए की लागत से 22 किलोमीटर लंबी बरखला-कलैन सड़क का विकास और उन्नयन और 264 करोड़ रुपए की लागत से 24 किलोमीटर लंबी चेचाबारी-हैलाकांडी-द्वारबंद सड़क विकास और उन्नयन परियोजना की आधारशिला भी रखी।

मुख्यमंत्री डॉ. शर्मा ने सिलचर में फुलेरतल रोड पर बद्रीघाट में बराक नदी पर 58 करोड़ रुपए की लागत से निॢमत 295 मीटर लंबा पक्का पुल, इटाखोला घाट के पास बराक नदी पर 87 करोड़ रुपए की लागत से निॢमत 330 मीटर लंबा पक्का पुल, सोनई नदी-डुंगरीपार मार्ग पर 14 करोड़ रुपए की लागत से निॢमत 150 मीटर लंबा पक्का पुल, 11 लाख रुपए की लागत से सिलचर में जिला आयुक्त कार्यालय में निॢमत वीर लाचित बरफुकन की एक मूर्ति, 11 लाख रुपए की लागत से हैलाकांडी में निॢमत अटल बिहारी वाजपेयी की प्रतिमा का उद्घाटन किया। इस अवसर पर सीएम डॉ. शर्मा ने सिलचर जिला खेल संघ के मैदान में आयोजित एक सार्वजनिक सभा को संबोधित करते हुए कहा कि राज्य सरकार ने कछार जिले में सड़क संचार प्रणाली में सुधार और क्षेत्र को सभी पहलुओं में विकसित करने के लिए कई कदम उठाए हैं। मुख्यमंत्री ने यह भी घोषणा की कि राज्य सरकार शिलघाट में एक और कंक्रीट पुल का निर्माण करेगी। आज जिन तीन पक्के पुलों का उद्घाटन किया गया है, उनका न केवल सड़क संचार बल्कि जिले के सामाजिक-आर्थिक जीवन पर भी सकारात्मक प्रभाव पड़ेगा।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार जल जीवन मिशन के तहत आज शुरू की गई 75 योजनाओं के माध्यम से असम में 50 लाख लोगों को सुरक्षित पेयजल उपलब्ध कराने के लिए तेज गति से काम कर रही है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के सपने को साकार करने के लिए जल जीवन मिशन योजना को सफलतापूर्वक लागू करने के लिए त्वरित कदम उठाए हैं। मुख्यमंत्री ने जल जीवन मिशन के तहत पुरस्कार प्राप्तकर्ताओं को धन्यवाद दिया। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार लोगों के विकास के लिए लगातार काम कर रही है उन्होंने कहा कि राज्य सरकार स्वयं सहायता समूहों के प्रत्येक सदस्य को 10,000 रुपए प्रदान करेगी ताकि ये सदस्य अपना व्यवसाय शुरू कर सकें या अपना उद्योग स्थापित कर सकें। अपने भाषण में मुख्यमंत्री ने राशन कार्ड जारी करने के मुद्दे का जिक्र किया। उन्होंने कहा कि जब तक प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सत्ता में रहेंगे तब तक बराक घाटी में विकास की गंगा बहती रहेगी। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार ने कछार जिले को सभी क्षेत्रों में आगे ले जाने के लिए कदम उठाए हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि कैंसर अस्पताल अगले दिसंबर-जनवरी महीने तक लोगों की सेवा में समर्पित कर दिया जायेगा।

सीएम डॉ. शर्मा ने जनसभा के बाद संवाददाताओं के सवाल का जवाब देते हुए कहा कि कुछ लोग कहते हैं कि बराक घाटी के लोग आज निर्वाचन क्षेत्र के पुनर्निर्धारण से नाराज हैं। उन्होंने कहा कि गुस्सा कहां दिख रहा है? बराक घाटी में दो सीटें कम कर दी गई हैं, लेकिन असम में सीटों की संख्या वही बनी हुई है। तो समस्या कहां है? उन्होंने कहा कि सीटें कितनी भी हों, पैसे की कोई दिक्कत नहीं है। बराक घाटी का विकास वैसा ही होता रहेगा। उन्होंने आगे कहा कि बराक में हर कोई सीमांकन से खुश है। केवल कुछ वामपंथी खुश नहीं थे। उन्होंने कहा कि यह स्वाभाविक है कि वामपंथी और कांग्रेस खुश नहीं होंगे। सीएम ने संवाददाताओं से कहा कि अलग बराक पर उनकी कोई आपत्ति नहीं है। बिना किसी बहस में पड़े मुख्यमंत्री डॉ. शर्मा ने कहा कि अगर बराक में हर कोई चाहेगा तो एक अलग बराक होगा। इस संबंध में उन्हें व्यक्तिगत रूप से अलग बराक पर कोई आपत्ति नहीं है। परन्तु बराक के सभी लोगों को एक साथ बोलना होगा। लेकिन मुख्यमंत्री के तौर पर मैं सबके साथ रहना चाहता हूं, परन्तु यदि बराक के लोग एक साथ अलग होना चाहें तो एक अलग बराक होगा।