गुवाहाटी : स्मार्ट असम पुलिस के एनकाउंटर ने भी बलात्कारी को रोक नहीं पाया है। मुख्यमंत्री हिमंत विश्व शर्मा के गृह मंत्रालय संभालने के बाद कई बलात्कारियों को पुलिस मुठभेड़ में मार गिराया गया है। पुलिस की ओर से बलात्कारियों के खिलाफ इतना सख्त रुख अपनाने के बावजूद राज्य में बलात्कार के मामलों में कोई कमी नहीं आ रही है। हैरानी है कि असम में प्रतिदिन बलात्कार के औसतन 3 मामले होते हैं। इस साल अगस्त तक अर्थात पिछले 243 दिनों में असम के विभिन्न पुलिस स्टेशनों में बलात्कार के 639 मामले दर्ज किए गए हैं।
राज्य में सिर्फ बलात्कार ही नहीं बल्कि हत्या की घटनाएं भी बढ़ रही है। असम विधानसभा में गृह विभाग की ओर से मुख्यमंत्री हिमंत विश्व शर्मा द्वारा जारी आंकड़ों के मुताबिक इस साल जनवरी से अगस्त तक असम में 643 हत्याएं हुईं। गौरतलब है कि इस दौरान 42 डकैतियां हुईं। इसके अलावा मुख्यमंत्री हिमंत विश्व शर्मा के ढाई साल के कार्यकाल के दौरान देशद्रोह के आरोप में 390 लोगों को गिरफ्तार किए गए हैं।
उग्रवादी गतिविधियों से लेकर सोशल मीडिया पर राष्ट्रविरोधी टिप्पणियों तक विभिन्न कारणों से पिछले दो साल और पांच महीनों में 390 लोगों को राजद्रोह के आरोप के तहत गिरफ्तार किया गया है, इनमें से कोकराझाड़ में 52, उदालगुड़ी में 43, डिमा हसाओ में 40, बरपेटा में 38, तिनसुकिया में 30 और बाक्सा में 29 लोगों को गिरफ्तार किया गया है। उल्लेखनीय है कि पिछले पांच वर्षों में भ्रष्टाचार निगरानी एवं निवारण निदेशालय द्वारा दर्ज 11 मामलों में गिरफ्तार और जेल भेजे गए 36 लोगों को अदालत ने बरी कर दिया है।