शिलांग : मेघालय के मुख्यमंत्री कॉनराड के संगमा और उनके समकक्ष असम के मुख्यमंत्री  डॉ. हिमंत  विश्वशर्मा ने आज मेघालय सचिवालय में एक अनौपचारिक बैठक कर दोनों राज्यों के बीच जारी  सीमा समस्या के  स्थायी समाधान के उपायों पर विचार- विमर्श किए। साथ ही उम्मीद व्यक्त की  कि इस समस्या का समाधान आपसी सूझबूझ के साथ हो जाएगा। उल्लेखनीय है कि  इस बैठक का उद्देश्य असम और मेघालय के बीच मतभेदों को दूर करना और समस्या का समाधान खोजना था। बैठक के बाद मीडिया से बात करते हुए मुख्यमंत्री कॉनराड के. संगमा ने कहा कि दोनों राज्य इस समस्याओं का सहयोगात्मक ढंग से हल करने को प्रतिबद्ध हैं। उन्होंने बताया कि असम और मेघालय के बीच मतभेद के शेष छह क्षेत्रों का पारस्परिक रूप से सहमत समाधान खोजने के लिए दोनों राज्यों के बीच प्रयास जारी हैं। असम के मुख्यमंत्री डॉ. हिमंत ने शिलांग में कार्बी हेमतुम के निर्माण को सुविधाजनक बनाने में समर्थन के लिए मुख्यमंत्री कॉनराड के. संगमा का आभार व्यक्त किया। उन्होंने सीमा मुद्दे को हल करने के लिए दोनोंराज्यों के मिलकर काम करने के महत्व को रेखांकित किया।

साथ ही आशा व्यक्त की कि निकट भविष्य में मतभेद के छह क्षेत्रों का समाधान हो जाएगा। मुख्यमंत्री शर्मा ने स्पष्ट किया कि बैठक अनौपचारिक रूप से आयोजित की गई थी, लेकिन उन्होंने कहा कि यह निकट भविष्य में औपचारिक बैठक का मार्ग प्रशस्त करेगा। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि ये चर्चाएं दोनों पड़ोसी राज्यों के बीच विश्वास-निर्माण उपायों की हिस्सा थीं। मुख्यमंत्री कॉनराड संगमा ने बताया कि आपसी समझ बढ़ाने और मुद्दों के समाधान के लिए चल रही बातचीत महत्वपूर्ण है। अनौपचारिक बैठक के दौरान विभिन्न स्थितियो और चिंताओं पर चर्चा की गई, हालांकि इस स्तर पर कोई निश्चित परिणाम नहीं निकले। असम के मुख्यमंत्री डॉ. हिमंत  विश्वशर्मा, मेघालय के मुख्यमंत्री कॉनराड के संगमा और कार्बी आंगलोंग स्वायत्त परिषद के मुख्य कार्यकारी सदस्य (सीईएम) डॉ. तुलीराम रोंगहांग ने बुधवार को संयुक्त रूप से कार्बी हेमतुन (गेस्ट हाउस)का उद्घाटन किया और शिलांग में 100 बिस्तरों वाले छात्रावास सह वाणिज्यिक भवन की नींव रखी।

कार्बी आंगलांग के लोगों को बधाई देते हुए मुख्यमंत्री कॉनराड के संगमा ने कार्बी हेमतुन के उद्घाटन और 100 बिस्तरों वाले  छात्रावास पर काम शुरू होने की सराहना की। उन्होंने मेघालय और असम के बीच घनिष्ठ संबंधों को बढ़ावा देने में इस आयोजन के महत्व पर जोर दिया। उन्होंने इस अवसर पर दोनों राज्यों के बीच मतभेदों के क्षेत्र को सौहार्दपूर्ण ढंग से हल करने में दोनों राज्यों की प्रतिबद्धता के बारे में भी बात की। उन्होंने उत्तर पूर्व में जनजातियों और समुदायों की समृद्ध विविधता पर प्रकाश डाला और आशा व्यक्त की कि इन विविध समूहों के बीच संबंध मजबूत होंगे। उन्होंने क्षेत्र में संस्कृति और परंपराओं की समानता को संजोते हुए अद्वितीय विविधता का जश्न मनाने के महत्व को रेखांकित किया। पूरे असम में समान विकास सुनिश्चित करने के लिए मुख्यमंत्री हिमंत विश्वशर्मा के नेतृत्व की सराहना करते हुए उन्होंने कहा किअसम  में समाज के सभी विभिन्न वर्गों और सभी विभिन्न क्षेत्रों और समुदायों को उस तरह का समर्थन और ध्यान मिल रहा है जिसके वे हकदार हैं।