गुवाहाटीः मुख्यमंत्री हिमंत विश्वशर्मा की पत्नी को केंद्र सरकार की योजना के तहत सब्सिडी के रूप में 10 करोड़ रुपए मिलने के मुद्दे पर विधानसभा में हंगामा होने के बाद उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार से उनकी पत्नी के पैसे लेने का आरोप आधारहीन है। उन्हें इस आरोप को सिरे से खारिज करते हुए कहा कि कोई इसके बारे में सबूत देता है तो वह कोई भी सजा स्वीकार करने को तैयार हैं जिसमें सार्वजनिक जीवन से संन्यास लेना भी शामिल है।

मुख्यमंत्री ने लोकसभा में कांग्रेस के उपनेता गौरव गोगोई की एक पोस्ट के जवाब में एक्स पर पोस्ट किया कि मैं फिर इस बात पर जोर देना चाहता हूं कि ना तो मेरी पत्नी और ना ही कंपनी (जिससे वह जुड़ी हैं) ने भारत सरकार से कोई राशि प्राप्त की है या इसका दावा किया है। अगर कोई व्यक्ति सबूत दे सके तो मैं सार्वजनिक जीवन से सेवानिवृत्ति सहित कोई भी सजा स्वीकार करने को तैयार हूं।

उल्लेखनीय है कि केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल के जवाब को कांग्रेस नेता द्वारा एक्स पर पोस्ट किए जाने के बाद बुधवार से ही गोगोई और शर्मा के बीच जुबानी जंग छिड़ी हुई है। इस मुद्दे को लेकर असम में सियासत गरमा गई है। विशेषकर लोकसभा चुनाव से पहले इस तरह के मुद्दे आने पर विपक्ष को भाजपा सरकार पर हमला करने का मौका मिल गया है।