गुवाहाटी : राज्य के साथ-साथ गुवाहाटी शहर में भी साइबर अपराध में चिंताजनक वृद्धि हुई है। एक के बाद एक साइबर अपराधियों द्वारा जनता का पैसा लूटने के बावजूद स्मार्ट पुलिस अपराध पर नियंत्रण नहीं कर पा रही है। हाल ही में साइबर अपराधियों द्वारा गुवाहाटी में एक भयानक आधार स्थापित करने और देश और विदेश में नागरिकों से करोड़ों रुपये लूट लेने की जानकारी सामने आई है। गुवाहाटी मेट्रोपॉलिटन पुलिस की अपराध शाखा ने बृहस्पतिवार रात शहर के 8 स्थानों पर छापेमारी की और 253 लोगों को गिरफ्तार किया। अंतर्राष्ट्रीय साइबर चक्र पूर्वोत्तर के सभी राज्यों के साथ-साथ दिल्ली, पंजाब, पश्चिम बंगाल, हरियाणा, बिहार, पश्चिम बंगाल और महाराष्ट्र से बेरोजगार युवाओं को लाकर गुवाहाटी से साइबर क्राइम का एक भयानक नेटवर्क संचालित कर रहा था। मालूम हो कि पूर्वांचल प्रहरी इस खुलासे से पहले समय-समय पर कॉल सेटरों के गोरखधंधों से संबंधित खबरें छापकर सरकार को आगाह कराता आ रहा है।
उल्लेखनीय है कि शुक्रवार को एक संवाददाता सम्मेलन में गुवाहाटी के पुलिस आयुक्त दिगंत बोरा ने इस संदर्भ में कहा कि 253 से अधिक पुलिसकर्मियों ने 15 सदस्यीय टीम का गठन किया और बृहस्पतिवार रात एक ही समय में शहर के विभिन्न स्थानों पर फर्जी कॉल सेंटर में शामिल 253 लोगों को गिरफ्तार किया। कार्रवाई में 164 कंप्यूटर, 90 लैपटॉप, 26 मोबाइल फोन और साइबर अपराध से संबंधित अन्य सामान जब्त किए गए। अंतर्राष्ट्रीय साइबर अपराध गिरोहों से जुड़े ये कॉल सेंटर अवैध तरीके से इंटरनेट कनेक्शन लेकर साइबर अपराधी खासतौर पर विदेशियों को कॉल कर ठगी का निशाना बनाते हैं। इन कॉल सेंटरों से कई लोगों के लैपटॉप या कंप्यूटर पर स्पैम भेजा जाता है। कंप्यूटर पर पॉप अप संदेश प्राप्त करने के बाद पीड़ित व्यक्ति को कॉल सेंटर पर कॉल करने के लिए मजबूर किया जाता है। कॉल सेंटर ग्राहकों के सामने खुद को टेक सपोर्ट स्टाफ के रूप में पेश करते हैं। वे ग्राहकों से कहते हैं कि उनके बैंक खाते, लैपटॉप आदि हैक कर लिए गए हैं। इसके बाद उनके बैंक खाते, लैपटॉप हैक न होने के लिए पैसे की मांग करते हैं। यह पैसा बिटकॉइन और गिफ्ट वाउचर के जरिए लिए जाते हैं।
हवाला लेनदेन के माध्यम से मुद्राओं को भारतीय रुपए में परिवर्तित करता है। ये कॉल सेंटर दिल्ली, गुड़गांव से संचालित होते हैं। कई लोगों को चूना लगाकर ये कॉल सेंटर हर महीने करोड़ों रुपए कमाते हैं। कॉल सेंटरों में कार्यरत कई युवाओं को वहां चल रहे काले अध्याय के बारे में पता नहीं चलता है। हालांकि कई लोग इसे जानने के बाद कॉल सेंटर छोड़ देते हैं लेकिन कई लोग पैसे के लिए काम करते रहते हैं। इन कॉल सेंटरों में सोशल मीडिया के माध्यम से भर्ती प्रक्रिया पूरी कर कर्मचारियों की नियुक्ति की जाती है। ये कॉल सेंटर हर 6-7 महीने में अपना पता बदलते रहते हैं। गुवाहाटी पुलिस ने इस साइबर नेटवर्क के तीन मास्टरमाइंड को गिरफ्तार कर लिया है, इनमें से एक व्यक्ति को उसके आवास से गिरफ्तार किया गया। पुलिस होटल में अन्य दो की तलाश कर रही थी लेकिन पुलिस के आने की खबर मिलने पर वे फरार हो गए थे।
बाद में बजाली जिला पुलिस की सहायता से उन्हें भवानीपुर में गिरफ्तार किया गया। गिरफ्तार लोगों में असम के दिव्यज्योति डे, लुधियाना के राजन चिदाना और दिल्ली के दिव्यम अरोड़ा शामिल हैं। गौरतलब है कि मुख्य सरगना अभी भी फरार है। पुलिस ने कहा कि दिव्यज्योति डे 2021 से अवैध गतिविधियों में शामिल है। पुलिस को पता चला है कि उसके पास लग्जरी लाइफस्टाइल, लग्जरी कारें और दुबई में एक घर है। दिल्ली का दिव्यम अरोड़ा पिछले दो साल से गुवाहाटी में कॉल सेंटर चला रहा था। शहर के पुलिस आयुक्त ने कहा कि इस संदर्भ में साइबर पुलिस में एक विशेष मामला दर्ज किया गया है और कई लोगों की गिरफ्तारी की संभावना है। पुलिस आयुक्त ने किराए के मकान मालिकों से भी सतर्क रहने का आग्रह किया। उन्होंने लोगों से रात में संचालित होने वाले किसी भी प्रतिष्ठान को मकान किराए पर देने से परहेज करने का आग्रह किया और मालिकों को चेतावनी दी कि अन्यथा वे जांच के दायरे में आ जाएंगे। फिलहाल गिरफ्तार युवकों से पुलिस मैराथन पूछताछ जारी रखी है।