नई दिल्ली : रेलवे बोर्ड ने रेल दुर्घटना से जुड़ी राहत राशि में 10 गुना वृद्धि की है। इसके तहत ट्रेन हादसे में किसी की मौत होने पर सहायता राशि 50 हजार रुपए से बढ़ाकर 5 लाख रुपए कर दी गई है। गंभीर चोट के लिए सहायता राशि 25 हजार रुपए से बढ़ाकर 2.5 लाख रुपए कर दी गई है। साथ ही मामूली चोट की स्थिति में सहायता राशि 5 हजार से 50 हजार रुपए की गई है। राहत राशि के अलावा यात्रियों को दुर्घटना के बाद अस्पताल का खर्चा भी विभाग उठाएगा। अस्पताल में 30 दिन से अधिक भर्ती रहे मरीज कितने गंभीर रूप से घायल हुआ है, उस आधार पर प्रतिदिन 3,000, 1,500 और 750 रुपए का खर्च मिलेगा।
रेलवे बोर्ड ने 18 सितंबर 2023 को एक सर्कुलर जारी करके राहत राशि में वृद्धि की जानकारी दी है। नई राहत राशि इसी तारीख से लागू होगा। इससे पहले 2012-2013 में इस राशि में संशोधन किया गया था। सर्कुलर के मुताबिक, सड़क से चलने वाले वे लोग जो रेलवे की गलती की वजह से मैन्ड रेलवे क्रॉसिंग गेट एक्सीडेंट का शिकार हुए हैं, वे भी राहत राशि पाने के लिए मान्य होंगे। ट्रेन दुर्घटनाओं में मरने वाले लोगों के परिजन और मैन्ड लेवल क्रॉसिंग में जान गंवाने वाले लोगों के परिजनों को अब पांच लाख रुपए मिलेंगे, जबकि गंभीर रूप से घायलों को 2.5 लाख रुपए मिलेंगे।
मामूली चोट लगने पर लोगों को 50 हजार रुपए मिलेंगे। सर्कुलर में ये भी लिखा है कि आतंकी हमला, हिंसक हमला जैसी कोई अप्रिया घटना होने पर मृतक, गंभीर रूप से घायल और मामूली रूप से घायलों के आश्रितों को 1.5 लाख, 50 हजार और 5 हजार रुपए दिए जाएंगे। इससे पहले तक ये राशि 50 हजार, 25 हजार और 5 हजार रुपए थी। सर्कुलर के मुताबिक, ट्रेन हादसे में गंभीर रूप से घायल लोगों को 30 दिन से ज्यादा अस्पताल में भर्ती रहने पर हर 10 दिन की अवधि पूरी होने पर या डिस्चार्ज की तारीख तक हर दिन 3 हजार रुपए दिए जाएंगे। अप्रिय घटना में गंभीर रूप से घायल होने पर छह महीने तक अस्पताल में भर्ती रहने पर हर दस दिन में या डिस्चार्ज होने की तारीख तक 1,500 रुपए दिए जाएंगे।