नगांव : राज्य के अन्य हिस्सों की तरह नगांव में भी श्रीमंत शंकरदेव की 575 वीं जयंती धूमधाम से मनाई गई,वहीं आज इस मौके पर राज्य के मुख्यमंत्री डॉ. हिमंत विश्वशर्मा ने श्रीश्री बटद्रवा थान में उपस्थित होकर सर्वप्रथम दर्शन किया। साथ ही  राज्य सरकार की ओर से थान के विकास के लिए  22 करोड़ से निर्मित होने वाले सत्रिया चरा, सभागार दामोदर आता यात्री निवास और कार्यालय भवन का उद्घाटन किया। उद्घाटन के अवसर पर आयोजित सभा में मुख्यमंत्री ने  महापुरुष श्रीमंत शंकरदेव की 575 वीं जयंती से एक साल तक मनाए जाने वाले कार्यक्रमों की शुरुआत की।  इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने कहा कि श्रीमंत शंकरदेव असमिया जाति के प्राण प्रतिष्ठाता थे।

असम सरकार ने गत कई वर्षों से बटद्रवा थान के विकास के लिए अपना प्रयास जारी रखा  है। इसी के तहत आज सत्रिया चरा, सभागार, दामोदर आता यात्री निवास और कार्यालय भवन का उद्घाटन किया गया। इसके अलावा बहुत जल्द ही थान में श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए रसोई घर, थान में स्थित दोनों तालाब के सौंदर्यकरण और गाड़ियों के रखने के लिए पार्किंग की व्यवस्था व स्नानगार निर्माण आदि के कार्य शुरू किए जाएंगे। मुख्यमंत्री ने आगे कहा कि थान को ऐतिहासिक क्षेत्र के तौर पर चिन्हित कर थान से कम से 8 किलोमीटर के अंदर खिलंजिया लोगों को छोड़ किसी को भी जमीन खरीदने व बिक्री करने की अनुमति नहीं दी जाएगी। उन्होंने कही कि सरकार जल्द ही इलाके लिए कानून बनाएगी।  इसके लिए जिला उपायुक्त को अवगत कर दिया गया है। इस प्रस्तावित कानून के संदर्भ में राज्य सरकार बटद्रवा संचालन समिति के साथ जल्द ही बैठक करेगी।

मुख्यमंत्री ने आगे कहा कि बटद्रवा में इस परियोजना के प्रथम चरण का कार्य तीव्र गति से चल रहा है। 50 करोड़ की लागत से वर्ष 2021 के 25 सितंबर से शुरू  की गई परियोजना का कार्य लगभग 81 प्रतिशत पूरा कर लिया गया है। अगले वर्ष फरवरी महीने में प्रथम स्तर के प्रकल्प का उद्घाटन किया जाएगा। 114 करोड़ की लागत से शुरू होने वाली यह अभिलाषी परियोजना के दूसरे चरण का कार्य जल्द शुरू किया जाएगा।  मुख्यमंत्री डॉ हिमंत विश्वशर्मा ने बटद्रवा  थान के प्रांगण में एक कंचन के पेड़ का पौधा लगाया। इस अवसर पर श्रीश्री शलगुरी सत्र  के सत्राधिकार योगेंद्र नारायण देव, महंत श्रीश्री नरोवा सत्र के सत्राधिकार देवानंद देव गोस्वामी, विधायक क्रमशः रूपक शर्मा, जीतू गोस्वामी और शशिकांत दास के अलावा श्रीमंत शंकर देव कला क्षेत्र के सचिव सुदर्शन ठाकुर उपस्थित थे।