नई दिल्लीः कांग्रेस व एआईयूडीएफ के बीच किसी तरह का गठबंधन न होने की बात आज स्पष्ट हो गई। कांग्रेसी नेता राहुल गांधी ने आज कहा कि बदरुद्दीन अजमल के  नेतृत्व वाली एआईयूडीएफ के साथ गठबंधन का कोई सवाल ही नहीं है। राहुल गांधी ने नई दिल्ली में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए यह घोषणा की। एक इंटरव्यू में उन्होंने साफ कर दिया कि निकट भविष्य में एआईयूडीएफ के साथ कोई गठबंधन नहीं होगा। क्या लोकसभा चुनाव से पहले इंडिया अलायंस या कांग्रेस एआईयूडीएफ का स्वागत करेगी? संबंधी सवाल के जवाब में राहुल गांधी ने कहा कि जहां तक  उन्हें पता है, ऐसा कोई सवाल ही नहीं है (एआईयूडीएफ के साथ गठबंधन)। हम एआईयूडीएफ के साथ कोई गठबंधन नहीं करेंगे। इस बीच, राहुल गांधी ने कॉन्क्लेव में असम और पूर्वोत्तर पर अपने विचार व्यक्त किए। उन्होंने कहा कि उन्हें लगता है कि राष्ट्रीय संवाद में पूर्वोत्तर  के लिए कोई स्थान नहीं है।

राष्ट्रीय संवाद में पूर्वोत्तर के विचारों, संस्कृृति और दर्शन के लिए कोई जगह नहीं है। दरअसल, पूर्वोत्तर के लोग बुनियादी न्याय से वंचित हैं। उनकी महत्वपूर्ण टिप्पणी कि राष्ट्रीय संदर्भ में पूर्वोत्तर को वंचित कर भारत की अवधारणा को विफल कर दिया गया है। कांग्रेस नेता गांधी ने आज संकेत दिया कि असम और पूर्वोत्तर  के लोग भी राहुल गांधी की भारत यात्रा के गवाह बन सकते हैं। उन्होंने कहा कि मामला अब प्रक्रिया में है। उन्होंने कहा कि पूर्वोत्तर राज्यों के लोगों से बात करना उनके लिए महत्वपूर्ण हो गया है। पूर्वोत्तर का दौरा करने से उन्हें गहराई से समझने में मदद मिलेगी कि क्षेत्र के लोग क्या चाहते हैं। उन्होंने कहा कि पूरे मामले पर पार्टी स्तर पर चर्चा चल रही है।

मणिपुर पर कांग्रेस नेता ने बीजेपी की नफरत और विभाजनकारी राजनीति की बात कही। उन्होंने कहा कि उन्होंने अपनी मणिपुर यात्रा के दौरान राज्य के दो जातीय समूहों मैतेई और कुकी को कभी भी दो ध्रुवों पर नहीं देखा। मणिपुर में भारत सरकार का कोई नियंत्रण नहीं है। भाजपा की राजनीति ने मणिपुर को बर्बाद कर दिया है। उन्होंने मणिपुर की अवधारणा के अस्तित्व को ही नष्ट कर दिया है। राहुल गांधी ने इसके लिए पूरी तरह से भाजपा की राजनीति को जिम्मेदार ठहराया।