गुवाहाटी : असम सचिवालय परिसर में आयोजित एक कार्यक्रम में सोमवार को भारतीय जनसंघ के नेता पंडित दीनदयाल उपाध्याय के जयंती समारोह के अवसर पर दीनदयाल उपाध्याय रचना समग्र नामक पुस्तक  के  असमिया संस्करण का लोकार्पण किया गया। डॉ. महेश चंद्र शर्मा द्वारा संपादित और संकलित मूल पुस्तक के असमिया संस्करण को शब्दकोश लेखक सुमंत चालिहा द्वारा संपादित  और असम प्रकाशन बोर्ड द्वारा प्रकाशित किया गया। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री डॉ. हिमंत विश्व शर्मा ने कहा कि भारतीय जनसंघ  के नेता अपने कार्यों से समाज के लिए एक आदर्श बनकर उभरे। मुख्यमंत्री डॉ. शर्मा ने कहा  कि पंडित दीनदयाल उपाध्याय को सामाजिक और सांस्कृतिक जीवन की मजबूत नींव के महत्व का एहसास था। उनकी राय थी कि किसी राष्ट्र को प्रगति के पथ पर आगे बढ़ते रहने के लिए केवल राजनीतिक स्वतंत्रता ही पर्याप्त नहीं है।

पंडित दीनदयाल उपाध्याय द्वारा गढ़े गए शब्द एकात्म मानववाद का जिक्र करते हुए मुख्यमंत्री डॉ. शर्मा ने कहा कि इसका मतलब है कि मनुष्य सामाजिक, राजनीतिक और आर्थिक मॉडल के मूल में हैं। यह पश्चिमी उदारवाद और माक्र्ससवादी समाजवाद दोनों का विरोध करता है, जिसे वह देशी समस्याओं से निपटने में असमर्थ भौतिकवादी विचारधाराओं के रूप में देखता है। मुख्यमंत्री डॉ. शर्मा ने पंडित दीनदयाल उपाध्याय के अंत्योदय की अवधारणा का जिक्र करते हुए कहा कि इसकी धारणा एकात्म मानववाद का प्रमुख घटक बनी हुई है। डॉ. शर्मा ने यह भी कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में केंद्र की वर्तमान सरकार आत्मनिर्भरता के आधार पर सामुदायिक विकास के अपने दैनिक नीति कार्यान्वयन, पेशकश और कार्रवाई योग्य मॉडल में अंत्योदय की अवधारणा का पालन कर रही है।

असम सरकार की ओर से वर्तमान में किए जा रहे अन्य शैक्षिक कार्यों पर बोलते हुए मुख्यमंत्री डॉ. शर्मा ने कहा कि लेखक अरूप कुमार दत्त द्वारा महावीर लाचित बरफुकन पर लिखी गई पुस्तक के 24 भारतीय भाषाओं में अनुवाद से संबंधित कार्य पूरे जोरों पर चल रहे हैं। अगले कुछ महीनों में इन किताबों को देशभर में रिलीज करने की योजना है। इससे उन राज्यों के लोगों को असम के  मध्यकालीन युग के महान सेनापति लाचित बरफुकन के बारे में और अधिक जानने में मदद मिलेगी। इसके अलावा असम का राजनीतिक इतिहास विषय पर एक पुस्तक पर भी काम चल रहा है। इस कार्यक्रम में असम कैबिनेट के मंत्री डॉ. रनोज पेगु और जयंत मल्ल बरुवा, संसद सदस्य और मुख्यमंत्री के राजनीतिक सचिव पवित्र मार्घेरिटा, असम प्रकाशन बोर्ड के उपाध्यक्ष सुमंत चलिहा, नई दिल्ली स्थित रिसर्च एंड डेवलपमेंट फाउंडेशन फॉर इंटीग्रल ह्यूमेनिज्म के अंबर अग्रवाल सहित कई अन्य गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे।