गुवाहाटी :असम के मुख्यमंत्री डॉ. हिमंत विश्वशर्मा ने औपचारिक रूप से आज राज्य के अंतर्देशीय जल परिवहन बेड़ा का लाचित घाट पर उद्घाटन किया। इस कार्यक्रम में 10 कैटामरैन जहाजों, 3 टग नौकाओं और एक खोज और बचाव जहाज को हरी झंडी दिखाई गई। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने पथ परिवहन की तरह जल परिवहन को उन्नत करने की दिशा में सरकार के कदमों के बारे में विस्तार से बताया। सागरमल प्रकल्प के तहत पर्यटकों को आकर्षित करने के लिए गुवाहाटी से उत्तर गुवाहाटी अंश्वक्लान्ता और दौल गोविंद होते हुए उमानंद दर्शन करते हुए पुन: गेटवे टर्मिनल में अपनी यात्रा समाप्त करने की सुविधा प्रदान की है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि 7.17 करोड़ के बजट के साथ जिस प्रकल्प का शुभारंभ किया गया है, उसमें तीन डक बोर्ड को हरी झंडी दिखाई गई। जिसमें तीन माजुली डिवीजन के लिए और एक धुबडी डिवीजन के लिए है, जो राहत कार्य के लिए और जल पेट्रोलिंग के लिए काम आएगी। माजुली मे हुई नाव दुर्घटना से सबक लेते हुए आज राहत कार्य जहाज का उद्घाटन किया गया । गुवाहाटी और उत्तर गुवाहाटी ब्रह्मपुत्र नदी का पुल भी जल्द ही शुभारंभ होने वाला है तथा गुवाहाटी और पलाशबाडी ब्रह्मपुत्र ब्रिज की शुरुआत भी हो गई है। रात्रिकालीन जहाज सेवाओं को भी शुरू करने में अब सुविधा प्राप्त हो गई है। यह रणनीतिक बेड़ा विस्तार एक दूरदर्शी पहल है, जिसका उद्देश्य असम की प्रचुर नदी प्रणालियों की विशाल क्षमता का दोहन करना है। इन जहाजों की शुरूआत राज्य में अंतर्देशीय जल परिवहन को फिर से परिभाषित करने को तैयार है, जो दक्षता, सुरक्षा और पर्यावरणीय स्थिरता के संदर्भ में कई लाभ प्रदान करती है।
नदियां हमेशा असम के लिए जीवन रेखा रही हैं। ये आधुनिक जहाज, न केवल जलमार्गों को पुनर्जीवित करेंगे बल्कि आर्थिक विकास, रोजगार सृजन और हरित भविष्य के द्वार खोलेंगे। डॉ. शमो भी अपने संबोधन में इस विस्तार के महत्व पर जोर दिया। इस अवसर पर पर्यटन मंत्री जयंतमल बरुवा, गुवाहाटी नगर निगम के मेयर मृगेन शरणिया, सांसद क्वीन ओझा ,असम सरकार के पुलिस महानिदेशक जेपी सिंह, परिवहन विभाग के सचिव आदिल खान, असम परिवहन निगम के उपाध्यक्ष प्रणब ज्योति लहकर, स्टेट प्रोजेक्ट के गौरव उपाध्याय, आई डब्ल्यू टी के निदेशक हनीफ नूरानी, परिवहन निगम के संचालक रातुल चंद्र दास मंच पर उपस्थित थे।