नई दिल्ली : 2000 रुपए के नोट को बैंक में जमा करने या इसे दूसरे नोट से बदलने का कल  (7 अक्तूबर) आखिरी दिन है। इससे पहले आज यानी शुक्रवार को आरबीआई गवर्नर शक्तिकांत दास ने बताया  कि 96 प्रतिशत से ज्यादा 2000 रुपए के नोट बैंक में वापस आ गए हैं, जिनकी वैल्यू 3.43 लाख करोड़ है। इसमें से 87 प्रतिशत नोट को बैंक में जमा किया गया है। बाकी नोटों को दूसरे नोटों से एक्सचेंज किया गया है। उन्होंने कहा कि अभी लगभग 12 हजार करोड़ रुपए के 2000 के नोट चलन में हैं, जिनका आना अभी बाकी है। इससे पहले नोट बदलने का आखिरी दिन 30 सितंबर था, लेकिन आरबीआई  ने आखिरी दिन इसकी मियाद 7 अक्तूबर 2023 कर दी थी।

इस मौके पर गवर्नर शक्तिकांत दास ने इस बात पर जोर दिया कि बढ़ाई गई समय-सीमा के बाद भी ये नोट आरबीआई के 19 कार्यालयों में बदले जा सकेंगे। आरबीआई ने नवंबर, 2016 की नोटबंदी के बाद जारी किए गए 2,000 रुपए के नोट को चलन से वापस लेने की 19 मई को घोषणा की थी। रिजर्व बैंक ने 2,000 का नोट बैंक में जमा करने या दूसरे मूल्य के नोट से बदलने के लिए अंतिम तिथि 30 सितंबर तय की थी।

हालांकि बाद में केंद्रीय बैंक ने अंतिम तिथि को बढ़ाकर सात अक्तूबर कर दिया था। दास ने संवाददाताओं से कहा कि सात अक्तूबर के बाद आप 2,000 के नोट को सिर्फ रिजर्व बैंक के इश्यू कार्यालयों में जमा कर सकेंगे या इसके बदले दूसरे मान्य नोट ले सकेंगे। ये कार्यालय लगभग सभी राज्यों की राजधानियों में स्थित हैं। दास ने कहा कि अगर कोई आरबीआई के कार्यालय तक नहीं जा सकता है तो डाक विभाग की सेवाएं ली जा सकती हैं। उन्होंने कहा कि 2,000 रुपए के नोटों को वापस लेने का मूल उद्देश्य 'काफी हद तक पूराÓ हो गया है।