नई दिल्ली : प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और तंजानिया की राष्ट्रपति सामिया सुलुहू हसन के बीच वार्ता के बाद दोनों देशों ने सोमवार को अपने संबंधों को रणनीतिक साझेदारी के स्तर तक बढ़ाने की घोषणा की और रक्षा सहयोग बढ़ाने के लिए पंचवर्षीय रूपरेखा पर सहमति जताने के साथ कई प्रमुख क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने के लिए समझौतों पर हस्ताक्षर किये।वार्ता के बाद मीडिया को दिए बयान में मोदी ने कहा कि भारत और तंजानिया स्थानीय मुद्राओं में व्यापार बढ़ाने के लिए समझौते पर भी काम कर रहे हैं। उन्होंने तंजानिया को हिंद-प्रशांत क्षेत्र में मूल्यवान सहयोगी करार दिया। प्रधानमंत्री ने कहा कि तंजानिया में ‘यूपीआई’ की सफलता का लाभ उठाने के लिए कदम उठाये जा रहे हैं और दोनों पक्ष आर्थिक सहयोग की पूरी क्षमता का उपयोग करने के लिए नये अवसर तलाशते रहेंगे। इससे पहले, राष्ट्रपति हसन का राष्ट्रपति भवन के प्रांगण में औपचारिक स्वागत किया गया।
वह चार दिवसीय भारत यात्रा पर रविवार को यहां पहुंचीं। मोदी ने राष्ट्रपति हसन की मौजूदगी में कहा कि आज भारत और तंजानिया के बीच रिश्तों में ऐतिहासिक दिन है। आज, हम अपनी सदियों पुरानी मित्रता को रणनीतिक भागीदारी में बांध रहे हैं। उन्होंने कहा कि आज की बैठक में हमने कई नई पहल चिह्नित कीं, इस भावी रणनीतिक साझेदारी की आधारशिला रखी। भारत और तंजानिया आपसी व्यापार और निवेश के लिए एक-दूसरे के महत्वपूर्ण साझेदार हैं। दोनों देशों ने डिजिटल क्षेत्र, संस्कृति, खेल, समुद्री उद्योग और वाणिज्यिक जहाजों की गतिविधि एवं पहचान पर पूर्व सूचना साझा करने के क्षेत्र में सहयोग मुहैया कराने के लिए छह समझौतों पर हस्ताक्षर किए।भारत-तंजानिया के एक संयुक्त वक्तव्य में कहा गया कि दोनों पक्षों ने उस रणनीतिक साझेदारी का संज्ञान लिया है जिससे दोनों देशों को समुद्री सुरक्षा, रक्षा सहयोग, विकास साझेदारी, व्यापार तथा निवेश समेत अनेक मुद्दों पर संयुक्त रूप से काम करने में मदद मिलेगी।
इसमें कहा गया कि दोनों नेताओं ने इस बात पर गौर किया कि आरबीआई ने स्थानीय मुद्राओं -भारतीय रुपया और तंजानियाई शिलिंग का इस्तेमाल कर व्यापार करने की मंजूरी दे दी है। मोदी ने कहा कि जी20 में अफ्रीकी संघ के स्थायी सदस्य के रूप में शामिल होने के बाद, पहली बार हमें किसी अफ्रीकी राष्ट्र प्रमुख का भारत में स्वागत करने का अवसर मिला। प्रधानमंत्री ने कहा कि रक्षा के क्षेत्र में हम पंचवर्षीय रूपरेखा पर सहमत हो गए हैं। इससे सैन्य प्रशिक्षण, समुद्री क्षेत्र और रक्षा उद्योग जैसे क्षेत्रों में सहयोग को नए आयाम मिलेंगे। उन्होंने यह भी कहा कि भारत और तंजानिया इस बात पर ‘‘एकमत’’ हैं कि आतंकवाद ‘‘मानवता के लिए सबसे गंभीर सुरक्षा खतरा है। मोदी ने कहा कि हमने आतंकवाद के खिलाफ लड़ाई में परस्पर सहयोग बढ़ाने का फैसला भी किया है।