जोरहाट : देशी-विदेशी पर्यटकों के लिए काजीरंगा नेशनल पार्क आज से खोला गया। इस अवसर पर काजीरंगा नेशनल पार्क अंतर्गत कोहरा रेंज के मीहीमुख में आयोजित कार्यक्रम के दौरान नेशनल पार्क के मुख्य द्वार को औपचारिक रूप से खोला गया। इस दौरान राज्य के पर्यावरण व वनमंत्री चंद्रमोहन पटवारी तथा कृृषि और पशुपालन मंत्री अतुल बोरा ने उपस्थित थे। कार्यक्रम में हिस्सा लेते हुए वनमंत्री पटवारी ने कहा कि काजीरंगा नेशनल पार्क राज्य का एक अन्यतम पर्यटन स्थल है जहां हर वर्ष लाखों देशी-विदेशी पर्यटक पहुंचते हंै और असम के पर्यावरण के बारे में जानकारी लेते हैं। इतना ही नहीं, देश-विदेश के कई छात्र-छात्राएं यहां कई बार की रिसर्च के लिए आते हैं। उन्होंने कहा कि विभिन्न कारणों के चलते इस वर्ष काजीरंगा नेशनल पार्क की ओर से को कुछ दिनों बाद खोला गया। उन्होंने उम्मीद जताई कि अन्य वर्षों की भांति इस वर्ष भी पर्यटकों का जमावड़ा नेशनल पार्क में देखने को मिलेगा।
कार्यक्रम के दौरान राज्य सरकार के प्रधान मुख्य वन संरक्षक एमके यादव, विभाग के वरिष्ठ अधिकारी संदीप कुमार, काजीरंगा नेशनल पार्क की संचालिका सोनाली घोष, भाजपा की गोलाघाट जिला समिति के अध्यक्ष देव प्रदीप बोरा सहित पार्क के अन्य अधिकारी, काजीरंगा जीप सफारी संस्था के अधिकारी सहित स्थानीय कई गणमान्य व्यक्ति मौजूद थे, वहीं दूसरी ओर पर्यावरण और वनमंत्री चंद्रमोहन पटवारी तथा कृृषि और पशुपालन मंत्री अतुल बोरा की उपस्थित में काजीरंगा नेशनल पार्क में आने वाले पर्यटकों की सुविधा के लिए काजीरंगा मिहिमुख में वनसृष्टि और असमी नामक स्थानीय पकवानों की दो स्टॉलों का भी उद्घाटन किया गया। साथ ही काजीरंगा भ्रमण के लिए पहुंचे पर्यटक समीपवर्ती इलाके में आसानी से घूम फिर सकें, इसके लिए इंगलैंग पथार पर्यावरण विकास समिति के सौजन्य से तथा काजीरंगा नेशनल पार्क और बाघ सरंक्षण वनांचल प्रबंधन के सहयोग से काजीरंगा साइकिलिंग का भी शुभारंभ किया गया।
इस दौरान पर्यावरण मंत्री और कृृषि मंत्री के साथ राज्य सरकार के प्रधान मुख्य वन संरक्षक, वन अधिकारी, गोलाघाट जिला आयुक्त सहित विभाग तथा स्वयंसेवी संस्था के पदाधिकारी मौजूद थे। उद्घाटन समारोह के मौके पर अतिथियों ने जीप सफारी की। मालूम हो कि काजीरंगा नेशनल पार्क के खुलने से अंचलवासियों के लिए भी रोजगार के दरवाजे खुल जाते हैं। विशेष रूप से असम की परंपरागत हस्त निॢमत सामग्री तथा स्थानीय बुनकरों द्वारा निॢमत कपड़े आदि का व्यापार करके स्थानीय लोगों को आॢथक लाभ मिलता है। इधर देश-विदेश से काजीरंगा भ्रमण पर आने वाले पर्यटकों की सुरक्षा व्यवस्था के लिए भी प्रशासन ने कमर कस ली है।