गुवाहाटी : राज्यभर में दुर्गा पूजा की तैयारी पूरी हो गई है। पंडालों में बिजली के झालरों और फूलों की बेहतरीन सजावट की गई है। राज्यवासी  दुर्गा पूजा को लेकर आयोजक के साथ-साथ भक्तों में व्यापक उमंग और उत्साह देखा जा रहा है। राज्य भर के पंडाल सज- धज कर तैयार हैं, इसके साथ ही पंडाल तथा सड़क व फ्लाई ओवर ब्रिज दुुधिया रोशनी से जगमगा रही है। आज  शक्ति की देवी दुर्गेश्वरी राज्यभर के पूजा पंडालों में विराजमान हुर्इं। इस साल नवरात्र गत 15 अक्तूबर को शुरू हुआ, वही  शुक्रवार को संध्या समय बेलवरण पूजा के साथ आमंत्रण आह्वान हुआ। आज संध्या के समय बेलवरण पूजा के बाद  जय अंबे गौरी, मैया जय अंबे गौरी ...आरती  व  या देवी सर्व भूतेषु शक्ति रूपेण संस्थिता नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमो नम: के साथ ही शंख, ढाक और ढोल की ध्वनि तथा माता जगत जननी के जयकारो से पूरे असम के दुर्गा मंदिर तथा पूजा पंडाल गूंज उठे। इसके साथ ही पूरा राज्य भक्तिमय हो उठा।

आज भक्तों ने दुर्गा देवी के छठें स्वरूप यानी कात्यायनी देवी की भक्तिभाव से पूजा-अर्चना हुई, शनिवार को माता के सातवें रूप कालरात्रि की पूजा होगी। इसके साथ ही मंदिरों तथा पूजा पंडालों में भक्तों की उपस्थिति भी बढऩे लगी है। 21 अक्तूबर को महाअष्टमी पर महागौड़ी और महानवमी पर सिद्धिदात्री माता की अराधना होगी। पूजा आयोजन समितियों की ओर से पंडाल के साथ आस-पास की सड़कों के साथ इलाका भी प्रकाशित करने के लिए हेलोजन लाइट आदि से प्रकाशित हो गया है। ऐसी मान्यता है कि नवरात्रि पर माता कात्यायनी की पूजा,उपासना और आराधना करने से भक्तों को बड़ी आसानी से अर्थ,धर्म, काम व मोक्ष चारो फलों की प्राप्ति होती है। वही आज कामाख्या मंदिर में  6  कुंवारी कन्याओं की पूजा की गई।

आगामी दिनों भी इसी तरह से तिथि के हिसाब से कन्याओं की पूजा होगी,आगामी दिनो में भी इसी तरह से तिथि के हिसाब से कन्याओं की पूजा होगी। इस बार दुर्गेश्वरी का आगमन व गमन अश्व ( घोटक ) पर है, माता रानी का घोड़ा पर आना अशांति व अमंगल , युद्ध का प्रतिक है परंतु घोड़ा पर जाना अर्थात चंद दिनो के बाद अपने साथ अशांति व अमंगल को ले जाना बहुत बड़ी राहत, मंगल व शांति का संकेत है।  पूजा आयोजन सङ्क्षमतियो का कहना है कि पूजा आयोजन स्थलों पर पंडाल, लाईट व प्रतिमा  का काम पूरा कर लिया गया है, इसके साथ ही पूजा आयोजन समितियों की ओर से पंडाल के साथ आस-पास की सड़कों के साथ इलाका भी प्रकाशित करने के लिए हेलोजन लाइट  आदि लगाई गई है,सभी को अधिकाधिक संख्यक भक्तों के आने का इंतजार है।