बैंकॉक: अमरीकी सेना ने कहा कि चीन का एक लड़ाकू विमान दक्षिण चीन सागर में उड़ रहे अमरीका के बी-52 बमवर्षक विमान के बेहद करीब, महज 10 फुट की दूरी पर आ गया, जिससे एक हादसा होते-होते बचा। यह घटना ऐसे वक्त में हुई है जब दोनों देश क्षेत्र में अपना दबदबा बढ़ाने की कोशिश में लगे हुए हैं। अमरीका की हिंद-प्रशांत कमान ने बृहस्पतिवार देर रात एक बयान में कहा कि रात को दोहरे इंजन वाला शेनयांग जे-11 लड़ाकू विमान 'अत्यधिक अनियंत्रित गति' से अमरीकी वायु सेना के एक विमान के करीब आ गया जिससे दोनों विमानों के बीच भिड़ंत का खतरा पैदा हो गया।

चीन के विदेश मंत्रालय ने अमरीका को इसके लिए जिम्मेदार ठहराते हुए कहा कि अमरीकी विमान जानबूझकर उकसावे के तौर पर दक्षिण चीन सागर पर उड़ान भर रहा था। विदेश मंत्रालय की प्रवक्ता माओ निंग ने कहा कि अमरीकी सैन्य विमान अपनी ताकत दिखाने के लिए हजारों मील की यात्रा करके चीन के करीब पहुंच गए हैं। यह समुद्री और वायु सुरक्षा जोखिमों का स्रोत है और क्षेत्रीय शांति एवं स्थिरता के अनुकूल नहीं है।

अमरीकी सेना ने कहा कि बी-52 अंतर्राष्ट्रीय वायु क्षेत्र में दक्षिण चीन सागर पर कानूनी रूप से नियमित उड़ान भर रहा था तभी मंगलवार को जे-11 उसके रास्ते में आ गया। उसने शुक्रवार को उन सवालों का जवाब नहीं दिया कि बी-52 दक्षिण चीन सागर पर क्या कर रहा था या क्या वह विमानों के समूह के साथ था।