कोच्चि : केरल के एर्नाकुलम में रविवार को एक कन्वेंशन सेंटर में हुए तीन धमाकों में मरने वालों की संख्या 2 हो गई है। एक महिला की सुबह मौत हुई थी, वहीं, दूसरी महिला की मौत की जानकारी शाम को आई है। इस घटना में 52 लोग घायल हुए हैं। कुछ घायलों की हालत गंभीर है। एक पुलिस अधिकारी ने यह जानकारी दी। केरल के पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) शेख दरवेश साहब ने तिरुवनंतपुरम में पत्रकारों से कहा कि प्रारंभिक जांच के अनुसार विस्फोट आईईडी के कारण हुआ। कलमश्शेरि में ईसाई समुदाय के एक सम्मेलन केंद्र में उस वक्त धमाके हुए, जब सैकड़ों लोग तीन दिवसीय प्रार्थना सभा के समापन अवसर पर एकत्र हुए थे। डीजीपी ने कहा कि आज सुबह करीब नौ बजकर 40 मिनट पर कलमश्शेरि में जमराह इंटरनेशनल कन्वेंशन सेंटर में धमाका हुआ जिसमें हमारी सूचना के अनुसार एक व्यक्ति की मौत हो गई तथा 36 लोगों का उपचार किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि मामले की जांच जारी है। अधिकारी ने यह भी कहा कि विस्फोट स्थल का दौरा करने के बाद एक विशेष जांच दल (एसआईटी) गठित किया जाएगा। एक पुलिस सूत्र ने ‘पीटीआई-भाषा’ को बताया कि तीन धमाके हुए, जिनमें से दो जोरदार और तीसरा कम तीव्रता का था। यह पूछे जाने पर कि क्या विस्फोटक को रखने के लिए ‘टिफिन बॉक्स’ का इस्तेमाल किया गया था, जैसा कि कुछ मीडिया रिपोर्ट में दावा किया गया है, सूत्र ने कहा कि इस स्तर पर इसकी पुष्टि नहीं की जा सकती क्योंकि घटनास्थल की जांच राज्य आतंकवाद-रोधी दस्ते और राष्ट्रीय अन्वेषण अभिकरण (एनआईए) समेत कई एजेंसियों द्वारा की जा रही है।
यह पूछे जाने पर कि क्या यह आतंकवादी हमला था, इस पर डीजीपी ने कहा कि वह इस चरण में कुछ नहीं कह सकते हैं। शीर्ष पुलिस अधिकारी ने कहा कि जांच के बाद ही मैं जानकारियों की पुष्टि कर सकता हूं। हम सभी पहलुओं से जांच कर रहे हैं। हम यह पता लगाएंगे कि इसके पीछे कौन हैं और उनके खिलाफ कड़ी कार्रवाई करेंगे। उन्होंने लोगों से शांति बनाए रखने का अनुरोध किया और उनसे सोशल मीडिया पर उकसावे या घृणा वाले संदेश न फैलाने को कहा। दरवेश ने आगाह किया कि सोशल मीडिया पर उकसावे या घृणा संदेश फैलाने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। केरल के राज्यपाल आरिफ मोहम्मद खान ने इस घटना को ‘चौंकाने वाला’ बताया तो वहीं मुख्यमंत्री पिनराई विजयन ने इसे ‘बेहद दुर्भाग्यपूर्ण’ करार दिया। राज्यपाल ने ‘एक्स’ (पूर्व में ट्विटर) पर कहा कि केरल में एर्नाकुलम जिले के कलमश्शेरि में एक धार्मिक सभा में विस्फोट के बारे में सुनकर स्तब्ध हूं। मृतकों के परिजनों के प्रति हार्दिक संवेदना और घायलों के शीघ्र स्वस्थ होने की प्रार्थना करता हूं। दिल्ली में पत्रकारों से बात करते हुए, विजयन ने कहा कि यह एक दुर्भाग्यपूर्ण घटना है। एक व्यक्ति की मौत हो गई और दो अन्य की हालत गंभीर है। जांच शुरू कर दी गई है। घटना को बेहद गंभीरता से लिया जा रहा है। मुख्यमंत्री ने धमाकों के मद्देनजर सोमवार को सर्वदलीय बैठक भी बुलाई है।
भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (मार्क्सवादी) के प्रदेश सचिव एम.वी. गोविंदन ने दिल्ली में पत्रकारों से कहा कि फलस्तीन मुद्दे से ध्यान भटकाने के उद्देश्य से अंजाम दी गई किसी भी भयावह घटना पर सख्त कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने कहा कि जब केरल फलस्तीन के लोगों के साथ एकजुट होकर खड़ा है, तब इससे ध्यान भटकाने के लिए किसी भी भयावह घटना पर सख्त कार्रवाई की जाएगी। सरकार और लोकतंत्र को मानने वाले लोग इसकी निंदा करेंगे। उन्होंने कहा कि मौजूदा हालात में राजनीतिक तौर पर देखने पर ऐसी घटना किसी आतंकी वारदात का हिस्सा लगती है। उन्होंने कहा कि इसकी गंभीरता से जांच किए जाने की जरूरत है। सम्मेलन केंद्र में मौजूद लोगों ने पत्रकारों को बताया कि पहला धमाका प्रार्थना के दौरान हुआ। केंद्र के अंदर मौजूद एक बुजुर्ग महिला ने कहा कि पहला धमाका सुनने के बाद जब मेरी आंखें खुलीं तो मैंने देखा कि आग लगी हुई है। सब लोग इधर-उधर भागने लगे। यह एक विशाल हॉल है और अंदर बड़ी संख्या में लोग थे। दूसरी ओर केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने रविवार को कोच्चि में एक ईसाई समूह के कन्वेंशन सेंटर में हुए धमाके के बाद केरल के मुख्यमंत्री पिनराई विजयन से बात की और स्थिति का जायजा लिया। सूत्रों ने बताया कि गृह मंत्री के राज्य सरकार की मदद करने के निर्देश के बाद आतंकवादी रोधी बल राष्ट्रीय सुरक्षा गारद (एनएसजी) और आतंकवाद रोधी जांच एजेंसी राष्ट्रीय अन्वेषण अभिकरण (एनआईए) के दलों को केरल भेजा जा रहा है।