नई दिल्ली : प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने शनिवार रात मिस्र के राष्ट्रपति अब्देल फतेह अल सिसी से बात की और इजराइल तथा फलस्तीन के बीच जारी युद्ध के मद्देनजर पश्चिम एशिया में बिगड़ती सुरक्षा एवं मानवीय स्थिति पर चिंता जताई। दोनों नेताओं ने शांति और स्थिरता की शीघ्र बहाली पर जोर दिया। प्रधानमंत्री मोदी ने रविवार सुबह सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में यह जानकारी दी। उन्होंने कहा कि कल राष्ट्रपति अब्देल फतेह अल सिसी से बात की। पश्चिम एशिया में सुरक्षा और मानवीय स्थिति पर चर्चा की। हम आतंकवाद, हिंसा और नागरिकों के जीवन को नुकसान के बारे में चिंताओं को साझा करते हैं। हम शांति और स्थिरता की शीघ्र बहाली तथा मानवीय सहायता मुहैया कराने पर सहमत हैं। प्रधानमंत्री मोदी की अस सिसी से यह बातचीत उस अपील के कुछ दिन बाद हुई है, जिसमें मिस्र के राष्ट्रपति ने कहा था कि विश्व समुदाय को गाजा संघर्ष को बढ़ने से रोकना चाहिए। उन्होंने कहा था कि पूरा क्षेत्र ‘टाइम बम’ पर बैठा है। मोदी ने सात अक्टूबर को हमास आतंकवादियों द्वारा इजराइल पर किए गए हमलों के बाद शुरू हुए संघर्ष के मद्देनजर इजराइल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू और फलस्तीनी प्राधिकरण के अध्यक्ष महमूद अब्बास से फोन पर बातचीत की थी। इजराइल ने बड़े पैमाने पर जवाबी कार्रवाई शुरू की है।
विदेश मंत्रालय ने एक बयान में कहा कि मोदी और अल सिसी ने पश्चिम एशिया की मौजूदा स्थिति और क्षेत्र एवं दुनिया पर इसके प्रभावों पर चर्चा की। बयान में कहा गया है कि दोनों नेताओं ने आतंकवाद, हिंसा और नागरिकों की जान जाने पर साझा चिंता व्यक्त की। प्रधानमंत्री ने इजराइल-फलस्तीन मुद्दे पर भारत के दीर्घकालिक और सैद्धांतिक रुख को दोहराया। विदेश मंत्रालय ने कहा कि प्रधानमंत्री ने फलस्तीन के लोगों के लिए भारत की विकास साझेदारी और मानवीय सहायता को रेखांकित किया। बयान में कहा गया है कि दोनों नेताओं ने शांति और स्थिरता की जल्द बहाली तथा मानवीय सहायता की आवश्यकता पर सहमति व्यक्त की।इजराइल के जवाबी हमलों के मद्देनजर गाजा में नागरिकों की दुर्दशा पर वैश्विक चिंताएं बढ़ गई हैं।भारत ने 22 अक्तूबर को फलस्तीन के लोगों के लिए दवाओं और चिकित्सा उपकरणों सहित 38 टन से अधिक राहत सामग्री भेजी थी। मिस्र की ओर से जारी एक बयान में कहा गया है कि राष्ट्रपति अल सिसी के पास प्रधानमंत्री मोदी का फोन आया और दोनों नेताओं ने गाजा पट्टी में इजराइली सैन्य अभियान से जुड़े ताजा घटनाक्रमों पर चर्चा की।
बयान में कहा गया है कि उन्होंने मौजूदा तनाव के जारी रहने से नागरिकों के जीवन पर पड़ने वाले भयानक प्रभाव और पूरे क्षेत्र की सुरक्षा पर खतरे के संबंध में भी चर्चा की। मिस्र के राष्ट्रपति कार्यालय के प्रवक्ता काउंसलर अहमद फहमी ने कहा कि राष्ट्रपति अल सिसी ने पुष्टि की है कि मिस्र संघर्ष-विराम तक पहुंचने के लिए क्षेत्रीय और अंतरराष्ट्रीय प्रयासों के समन्वय की अपनी पहल को आगे बढ़ा रहा है। बयान में कहा गया है कि राष्ट्रपति ने गाजा पट्टी में जमीनी हमले के गंभीर मानवीय और सुरक्षा परिणामों के बारे में चेतावनी दी। बयान के मुताबिक, अल सिसी ने राजनयिक स्तर पर एक त्वरित समाधान खोजने के लिए एकीकृत अंतरराष्ट्रीय कार्रवाई की आवश्यकता पर जोर दिया, जो नागरिकों के जीवन की रक्षा करने वाले तत्काल मानवीय संघर्ष-विराम को मजबूत करता हो। उन्होंने कहा कि यह संयुक्त राष्ट्र महासभा में 27 अक्टूबर को अपनाए गए प्रस्ताव के अनुसार होना चाहिए, जिसमें गाजा पट्टी को मानवीय सहायता की तात्कालिक, स्थायी और निर्बाध पहुंच सुनिश्चित करने की बात की गई है। बयान में कहा गया है कि राष्ट्रपति अल सिसी और प्रधानमंत्री मोदी ने दोनों देशों के द्विपक्षीय संबंधों और रणनीतिक साझेदारी के उत्कृष्ट स्तर पर संतोष व्यक्त किया।