पूर्वांचल प्रहरी डेस्क संवाददाता गुवाहाटी : असम विधानसभा अध्यक्ष विश्वजीत दैमारी का विवादों  के साथ  चोली- दामन का संबंध है।  उल्लेखनवीय है कि खुद 20 एसी लगाने वाले दैमारी आम लोगों को बिजली की खपत कम करने के लिए पेड़ों के नीचे बैठने की सलाह देते हैं। दैमारी की विवादास्पद टिप्पणियों का कोई अंत नहीं है, जिनमें वस्तुओं की कीमतें बढ़ने पर लोगों को कम खाने की उनकी अजीब सलाह भी शामिल है। इस बार विधायक दैमारी ने अपने निर्वाचन क्षेत्र पानेरी के लोगों को धंधेबाज बनने की अजीब सलाह दी है।

दैमारी ने अपने निर्वाचन क्षेत्र के कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए कहा कि सामान लेने से आपत्ति क्यों है, वोट मत देना। विश्वजीत दैमारी कुछ भी दें, ले लेना चाहिए। खाने के बाद विश्वजीत दैमारी को भूल जाना चाहिए। सड़क बन जाने के बाद खगड़ाबाड़ी के लोगों को विश्वजीत दैमारी को भूल जाना चाहिए। अब क्या जरूरत है उसकी? लेने के समय में ले लेना उसके बाद हमें तुम्हारी जरूरत नहीं है। हमें तुम पसंद नहीं, हम तुमसे नहीं लेंगे। तब उस जगह का क्या होगा? लोगों को थोड़ा बेवकूफ बनना होगा।

जिनसे कुछ मिलने की आशा है उन्हें बुलाकर लाना चाहिए। मैंने कई केंद्रीय मंत्रियों और असम के मंत्रियों को शुक्लई लाया था और शुक्लई क्षेत्र का थोड़ा विकास किया था। बिना विधायक रहे मैंने शुक्लई पुल बनवाया। मैंने अजंता नेउग को पकड़ा और नाओकाटा से तामुलपुर  में तक का शॉर्टकाट रास्ता बनवाया। जब मैं विधायक नहीं था तब भी कमिश्नर को यहां लाया था। अब मैं विधायक हूं, लेकिन एक विधायक को ऐसे लोगों की जरूरत नहीं है जो हमेशा परेशानी खड़ी करता हो। योजना में खलल डालने की कोई जरूरत नहीं है। वे बस मुझे बुलाते रहते हैं, नहीं आने पर बुरा मानते हैं। अरे, मैं न आऊं तो कोई बात नहीं। तुमलोग अपना काम कैसे पूरा हो, इस पर अपना सिर मारो।