उत्तरकाशी : अंतरराष्ट्रीय विशेषज्ञ अर्नोल्ड डिक्स ने बृहस्पतिवार शाम को कहा कि उत्तरकाशी में सुरंग में मलबे के रास्ते ड्रिलिंग करने वाली 'ऑगर' मशीन में फिर से कुछ समस्याएं आ रही हैं। सुरंग के रास्ते में लोहे के सरिए मिलने के बाद बुधवार को छह घंटे तक बचाव अभियान बाधित रहा था। उसके कुछ घंटे बाद डिक्स की यह टिप्पणी सामने आई है। बृहस्पतिवार को अभियान फिर शुरू होने से पहले विशेषज्ञों ने उस अवरोध को दूर कर दिया था। मशीन में समस्या आने के कारण शुक्रवार दोपहर से मंगलवार रात तक ड्रिलिंग रोक दी गई थी। डिक्स ने पीटीआई-भाषा से कहा कि ऑगर मशीन में तीसरी बार कुछ समस्या आ रही है। पहले भी ऐसी समस्या आयी थी।
उन्होंने मौजूदा समस्या के बारे में विस्तार से नहीं बताया और उन्होंने यह भी स्पष्ट नहीं किया कि मशीन में समस्या से बचाव अभियान में कितनी देरी होगी क्योंकि अभियान 12वें दिन में प्रवेश कर चुका है। उन्होंने कहा कि सुरंग में फंसे हुए मजदूर सुरक्षित और स्वस्थ हैं, ऐसे में जल्दबाजी नहीं करना बहुत आवश्यक है। अगर हम इस तरह की स्थिति में जल्दबाजी करते हैं तो ऐसी चुनौतियां पैदा हो सकती हैं जिनकी हम कल्पना भी नहीं कर सकते। उन्होंने कहा कि बचाव अभियान जोरों पर है और विभिन्न एजेंसियां कई बचाव विकल्पों पर काम कर रही हैं। सुरंग निर्माण संबंधी विशेषज्ञों के एक अंतरराष्ट्रीय संघ के प्रमुख डिक्स परामर्श देने के लिए अभी सिलक्यारा में हैं। इससे पहले राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (एनडीएमए)ने बृहस्पतिवार को कहा था कि उत्तराखंड में सिलक्यारा सुरंग के अंदर फंसे 41 श्रमिकों को बाहर निकालने में अगले कुछ घंटों में या शुक्रवार तक 'सफलता' मिल सकती है।
श्रमिकों को बचाने के अभियान के बारे में मीडिया को जानकारी देते हुए एनडीएमए के सदस्य लेफ्टिनेंट जनरल (सेवानिवृत्त) सैयद अता हसनैन ने कहा कि बचाव अभियान की समय-सीमा पर अटकलें लगाना उचित नहीं होगा क्योंकि यह युद्ध लड़ने जैसा है। उन्होंने यह भी कहा कि बचाव कार्य रुक गया है और इसके शीघ्र ही फिर से शुरू होने की संभावना है। हालांकि हसनैन के इस बयान से पहले बचाव अभियान की निगरानी कर रहे प्रधानमंत्री कार्यालय के पूर्व सलाहकार भास्कर खुल्बे ने संवाददाताओं को बताया कि सिलक्यारा में सुरंग में मलबे में 'ड्रिलिंग' के दौरान आई बाधा को दूर करने के बाद बृहस्पतिवार को सुबह फिर से बचाव अभियान शुरू कर दिया गया है। खुल्बे ने बताया था कि लोहे के सरिये के कारण उत्पन्न समस्या को दूर कर लिया गया है।