जयपुर : राजस्थान की 199 विधानसभा सीटों पर वोटिंग खत्म हो गई। इस चुनाव में 72 फीसदी से ज्यादा वोटिंग हुई है। मुख्य निर्वाचन अधिकारी, राजस्थान के अनुसार शाम 5 बजे तक राज्य में 68.24 फीसदी मतदान हुआ। रात 10 बजे तक मतदान का आंकड़ा 72 फीसदी से पार चला गया। चुनाव आयोग के ऐप के मुताबित 10 बजकर 15 मिनट पर मतदान का आंकड़ा 72 तक पहुंच गया था। माना जा रहा है कि वोटिंग प्रतिशत इस बार रिकॉर्ड तोड़ सकता है। मतदान के दौरान कई क्षेत्रों में हिंसा फायरिंग, तोडफ़ोड़ और बूथ कैप्चरिंग के प्रयास की घटनाएं भी हुई हैं। मतदान के दौरान तीन जगह पर सुरक्षाबल को उपद्रवियों को काबू करने के लिए सख्ती बरतनी पड़ी। भरतपुर जिले की कामां और नगर विधानसभा क्षेत्र में विवाद हुआ। राज्य में मुख्य मुकाबला कांग्रेस और भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के बीच है।  प्रदेश में हर पांच साल में सरकार बदलने का पुराना रिवाज है। मतदाताओं ने इसका फैसला कर दिया है। अब तीन दिसंबर को 1862 प्रत्याशियों के भाग्य का फैसला होगा। कांग्रेस और भाजपा दोनों ही दलों के नेताओं ने अपनी-अपनी पार्टी को जनादेश मिलने की उम्मीद जताई है।

अधिकारियों के अनुसार, हिंसा की छिटपुट घटनाओं को छोड़कर मतदान शांतिपूर्ण रहा। साल 2018 के विधानसभा चुनाव में राज्य में कुल मतदान प्रतिशत लगभग 74.06 प्रतिशत रहा था। मुख्य निर्वाचन अधिकारी प्रवीण गुप्ता ने यहां बताया कि पांच बजे तक 68.24 प्रतिशत मतदाताओं ने वोट डाला। उनका कहना था कि हालांकि अनेक जगह मतदाता मतदान केंद्रों पर कतारों में खड़े थे जिनके द्वारा वोट डाले जाने के बाद ही मत प्रतिशत का अंतिम आंकड़ा सामने आएगा। उन्होंने बताया कि शाम छह बजे तक 68.24 प्रतिशत मतदाताओं ने वोट डाला तथा अभी मतदान चल रहा है। उन्होंने कहा कि इसमें अगर डाक मत पत्रों का प्रतिशत मिला लिया जाए तो मतदान प्रतिशत 69 प्रतिशत से अधिक हो जाता है। आयोग के अनुसार शाम पांच बजे तक सबसे अधिक मतदान जैसलमेर जिले में हुआ। हनुमानगढ़ और धौलपुर जिले दूसरे नंबर पर रहे। गुप्ता ने कहा कि जिन मतदान केंद्रों पर झड़प की घटनाएं हुई हैं वहां पुनर्मतदान के बारे में फैसला पर्यवेक्षकों की रिपोर्ट के बाद लिया जाएगा। उन्होंने कहा कि कहीं भी मतदान प्रक्रिया रुकने की सूचना नहीं है। कुछ बूथों पर ईवीएम की खराबी पर उन्होंने कहा कि गड़बड़ी की संख्या राष्ट्रीय औसत से कम है।

सत्तारूढ़ कांग्रेस एवं मुख्य विपक्षी दल भाजपा के नेताओं ने दिन में मीडिया से बातचीत में विश्वास जताया कि उनकी पार्टी को जनादेश मिलेगा। मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने जोधपुर में कहा कि कांग्रेस के खिलाफ कोई सत्ता विरोधी लहर नहीं है और पार्टी राज्य में फिर से सरकार बनाएगी। उन्होंने कहा कि ऐसा लगता है कि कोई 'अंडरकरंट' है। ऐसा लगता है कि (कांग्रेस) सरकार दोबारा बनेगी। पूर्व मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे ने झालावाड़ में पत्रकारों से बातचीत में गहलोत के 'अंडरकरंट' वाले बयान पर कटाक्ष करते हुए कहा, ''मैं उनसे सहमत हूं। वास्तव में एक 'अंडरकरंट' है लेकिन यह भाजपा के पक्ष में है। तीन दिसंबर को कमल (भाजपा का चुनाव चिह्न) खिलेगा। जोधपुर में केंद्रीय मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत ने कहा कि भाजपा भारी बहुमत के साथ सत्ता में आ रही है।  मतदान के दौरान राज्यपाल कलराज मिश्र, मुख्यमंत्री गहलोत, केंद्रीय मंत्री शेखावत और कैलाश चौधरी, पूर्व मुख्यमंत्री राजे और पूर्व उपमुख्यमंत्री सचिन पायलट ने भी वोट डाला। गहलोत और शेखावत ने जोधपुर में, चौधरी ने बालोतरा में, राजे ने झालावाड़ में और पायलट ने जयपुर में वोट डाला।

भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष सी पी जोशी ने चित्तौडग़ढ़ में अपने मताधिकार का प्रयोग किया और पार्टी सांसद दीया कुमारी तथा राज्यवर्धन सिंह राठौड़ ने जयपुर में मतदान किया। कुमारी और राठौड़ उन सात भाजपा सांसदों में शामिल हैं जो विधानसभा चुनाव लड़ रहे हैं। अधिकारियों ने कहा कि मतदान के दौरान जहां एक गांव में ग्रामीणों ने मतदान का बहिष्कार किया, वहीं कुछ हिस्सों में विभिन्न उम्मीदवारों के समर्थकों के बीच मामूली झड़प हुई। सिरोही जिले के पिंडवाड़ा आबू निर्वाचन क्षेत्र के चारवली गांव के लोगों ने मतदान का बहिष्कार किया। राजस्थान के पाली जिले में एक राजनीतिक दल के एजेंट की शनिवार को मौत हो गई। अधिकारियों के अनुसार संभवत: हृदय गति रुकने के कारण एजेंट शांति लाल की मौत हुई। अधिकारियों के अनुसार, शांति लाल सुमेरपुर निर्वाचन क्षेत्र में बूथ संख्या 47 पर एक राजनीतिक पार्टी के एजेंट थे और वह वहीं गिर गए। उदयपुर के एक मतदान केन्द्र पर 62 वर्षीय मतदाता सत्येन्द्र अरोड़ा की दिल का दौरा पडने से मौत हो गई। अरोड़ा मतदान केंद्र पर गिर पड़े।

परिवार के सदस्य उन्हें नजदीकी अस्पताल ले गए जहां चिकित्सकों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। इसी तरह सीकर के फतेहपुर में दो गुटों में झड़प के बाद पथराव हुआ। पुलिस ने बताया कि यह घटना एक मतदान केंद्र के पास हुई। थानाधिकारी इंद्राज सिंह ने बताया कि बूथ संख्या 128 पर दो पक्षों के बीच पत्थरबाजी में एक पुलिसकर्मी घायल हो गया। धौलपुर की बाड़ी सीट पर दो उम्मीदवारों के समर्थकों के दो समूहों के बीच झड़प हुई। धौलपुर के जिलाधिकारी अनिल कुमार अग्रवाल ने कहा कि एक चुनाव एजेंट और एक अन्य व्यक्ति के बीच बहस हुई जिसके बाद मतदान केंद्र के बाहर पथराव और हाथापाई हुई। दो वाहन क्षतिग्रस्त हो गए। मतदान कुछ समय के लिए रोक दिया गया जो बाद में फिर से शुरू हुआ। वहीं, फतेहपुर में भी दो पक्षों में झगड़ा हुआ। फतेहपुर के पुलिस उपाधीक्षक रामप्रताप ने कहा कि मतदान केंद्र के बाहर पथराव हुआ। पथराव में एक जवान घायल हो गया। कोई आम व्यक्ति घायल नहीं हुआ। डीग जिले के कामां के सांवलेर गांव में पथराव में एक पुलिसकर्मी सहित दो लोग घायल हो गए। भीड़ को तितर-बितर करने के लिए पुलिस ने हवा में 12 गोलियां चलाईं। घटना के कारण मतदान कुछ मिनट के लिए बाधित हुआ। वहीं, टोंक जिले के उनियारा में 40-50 लोगों ने चुनाव बूथ में घुसने की कोशिश की।