नई दिल्ली : ब्लूमबर्ग बिलेनियर्स इंडेक्स के अनुसार 25 बिलियन डॉलर यानी करीब 2.08 लाख करोड़ रुपए की नेटवर्थ के साथ सावित्री जिंदल ने अजीम प्रेमजी को पीछे छोड़ दिया है। प्रेमजी की नेटवर्थ 24 बिलियन डॉलर यानी करीब 2.01 लाख करोड़ रुपए है। जेएसडब्ल्यू स्टील की मानद चेयरपर्सन सावित्री देवी जिंदल भारत की सबसे अमीर महिला भी है जहां उनकी नेटवर्थ पिछले दो वर्षों में 87 प्रतिशत बढ़ी है, वहीं इसी अवधि के दौरान विप्रो के पूर्व चेयरमैन अजीम प्रेमजी की नेटवर्थ में 42 प्रतिशत की गिरावट देखी गई। अजीम प्रेमजी, करीब 2 साल पहले मुकेश अंबानी और गौतम अडाणी के बाद देश के तीसरे सबसे अमीर व्यक्ति थे, लेकिन जनवरी 2022 से उनकी नेटवर्थ में भारी गिरावट देखी गई है। पिछले दो साल में विप्रो के शेयर में 42 प्रतिशत की गिरावट के कारण नेटवर्थ घटी है। सावित्री जिंदल की नेटवर्थ जेएसडब्ल्यू ग्रुप शेयरों में तेजी के कारण बढ़ी है। जेएसडब्ल्यू एनर्जी के शेयर 2023 में अब तक 50 प्रतिशत से ज्यादा चढ़े हैं। वहीं जिंदल स्टील एंड पावर इस साल 25 प्रतिशत से ज्यादा चढ़ा है और जेएसडब्ल्यू स्टील का शेयर करीब 10 प्रतिशत चढ़ा है। सावित्री देवी 1950 में असम के तिनसुकिया में पैदा हुईं।   

1970 में जिंदल ग्रुप के फाउंडर हरियाणा के ओमप्रकाश जिंदल से उनकी शादी हुई। ओपी जिंदल और सावित्री के नौ बच्चे हैं। चार बेटे- पृथ्वीराज जिंदल, सज्जन, रतन और नवीन हैं। जिंदल ग्रुप स्टील, पावर, सीमेंट और इंफ्रास्ट्रक्चर सेक्टर में काम करता है। 2005 में एक हेलीकॉप्टर दुर्घटना में ओ.पी. जिंदल की मृत्यु के बाद ग्रुप की कंपनियों को उनके चार बेटों के बीच डिवाइड कर दिया गया था और वो चेयरपर्सन बनीं थीं। ग्रुप की सबसे बड़ी कंपनी जेएसडब्ल्यू स्टील को उनके बेटे सज्जन जिंदल चलाते हैं। सितंबर 2023 में, सज्जन जिंदल ने पोर्ट आर्म जेएसडब्ल्यू  इंफ्रास्ट्रक्चर को पब्लिक कर दिया था। जिंदल के छोटे बेटे नवीन, जिंदल स्टील एंड पावर को मैनेज करते हैं। सावित्री जिंदल ने कांग्रेस के टिकट पर हरियाणा की हिसार विधानसभा सीट से चुनाव लड़ा था। यहां से उन्होंने 2005 और 2009 में दो बार जीत हासिल की। वह दो बार भूपेंद्र सिंह हुड्डा सरकार में मंत्री बनीं। अपने कार्यकाल के दौरान, उन्होंने 2006 में राजस्व, आपदा प्रबंधन, पुनर्वास और आवास राज्य मंत्री और 2013 में शहरी स्थानीय निकाय मंत्री के विभागों को संभाला।