नई दिल्ली : संसद के शीतकालीन सत्र के आठवें दिन निरसन और संशोधन विधेयक, 2023 को राज्यसभा में डेस्क थपथपाकर पारित कर दिया। कानून मंत्री अर्जुन राम मेघवाल ने इस विधेयक पर बोलते हुए कहा कि यह कदम जीवन और व्यापार करने में आसानी में सुधार के उसके निरंतर प्रयासों का हिस्सा है। बता दें कि इस विधेयक में 76 निरर्थक और अप्रचलित कानूनों को निरस्त करने के लिए प्रावधान किया गया है। वहीं इस दौरान, कांग्रेस सांसद शशि थरूर ने 125 साल पुराने भारतीय डाकघर अधिनियम को निरस्त करने वाले डाकघर विधेयक, 2023 की आलोचना की।  बता दें कि बीते साल दिसंबर में सरकार ने 65 पुराने कानूनों को खत्म करने के लिए निरसन और संशोधन विधेयक पेश किया था। हालांकि तब इस पर चर्चा नहीं हो सकी थी। बाद में सरकार ने इसमें 11 और कानून जोड़ने के लिए संसोधन पेश किया। जिसके बाद खत्म किए जाने वाले कुल कानूनों की संख्या 76 हो गई थी।

वहीं, लोकसभा ने इस साल 27 जुलाई को इस कानून को मंजूरी दे दी थी। इस विधेयक में भूमि अधिग्रहण (खान) अधिनियम, 1885 और टेलीग्राफ तार (गैरकानूनी कब्जा) अधिनियम, 1950 जैसे पुराने कानूनों को निरस्त करने का प्रस्ताव है। इसके अलावा, इसमें हाल के दिनों में संसद द्वारा पारित कुछ विनियोग अधिनियमों को निरस्त करने का भी प्रावधान है। इस विधेयक पर बहस के दौरान कानून मंत्री अर्जुन राम मेघवाल ने मोदी सरकार के अब तक के कार्यकाल में रद्द किए जाने वाले कानूनों की भी जानकारी दी। उन्होंने कहा कि 2014 में सत्ता में आने के बाद से मोदी सरकार ने 1,486 निष्क्रिय कानूनों को निरस्त कर दिया है। इसका उद्देश्य जीवन में सुधार लाना है। कानून मंत्री ने यह भी बताया था कि 76 और कानून जुडऩे के साथ अब ऐसे कानूनों की कुल संख्या 1,562 हो गई है। वहीं, बुधवार को 125 साल पुराने भारतीय डाकघर अधिनियम को निरस्त करने वाले डाकघर विधेयक, 2023 पर भी लोकसभा में चर्चा हुई।

इस दौरान कांग्रेस सांसद शशि थरूर ने इसकी आलोचना की। उन्होंने डाकघर विधेयक पर गंभीर चिंता जताते हुए कहा कि प्रस्तावित विधेयक में आधा-अधूरा सुधार किया गया है। उन्होंने कहा कि भारतीयों के मौलिक अधिकारों के लिए कहीं अधिक हानिकारक है। शशि थरूर ने इस विधेयक को लेकर सरकार की आलोचना करते हुए आरोप लगाया कि पिछले एक दशक में यह अक्सर देखा गया है कि हमारे दिमागों को उपनिवेश मुक्त करने की आड़ में सरकार ऐसे कानून ला रही है जो मनमाने और अनुचित है।  बता दें कि इस विधेयक का उद्देश्य देश में डाकघरों से संबंधित कानून में संशोधन करना है।