पूर्वांचल प्रहरी नगर संवाददाता जोरहाट, तिनसुकिया : ऊपरी असम के तीन जिलों में पिछले एक माह के भीतर हुए तीन लगातार विस्फोट तथा बम बरामदगी की घटनाओं के बाद अल्फा (आई) की सक्रियता के संकेत साफ नजर आने लगे हैं। जोरहाट में कल हुए विस्फोट के बाद आज तिनसुकिया जिले में ग्रेनेड बरामद होने की खबर प्रकाश में आई। मालूम हो कि जोरहाट शहर के लिचुबाड़ी स्थित सेना छावनी में कल शाम हुए विस्फोट के बाद जिले में अब भी दहशत व्याप्त है। घटना को लेकर सेना के दो जवानों से विभाग के बड़े अधिकारियों द्वारा पूछताछ किए जाने की खबर मिली है। वहीं विस्फोट में बम या ग्रेनेड का इस्तेमाल किया गया था, इसकी जानकारी लेने के लिए गुवाहाटी से सेना के
वरिष्ठ अधिकारी व बम विशेषज्ञ आज जोरहाट पहुंचे। वहीं कल एनआईए के बम विशेषज्ञों की टीम के भी जोरहाट पहुंचने की संभावना है। पुलिस सूत्रों के अनुसार कल समान्य विस्फोट हुआ था। सेना छावनी के परिसर में हुए विस्फोट में क्या इस्तेमाल किया गया, समाचार लिखे जाने तक इस अधिकारिक पुष्टि नहीं हो पाई थी। इस संदर्भ में जिला पुलिस अधीक्षक मोहनलाल मीणा ने बताया है कि इस घटना में अल्फा (स्वा.)भी जुड़ा हो सकता है। साथ ही उन्होंने कहा कि हो सकता है कि किराये के लोगों द्वारा भी इस घटना को अंजाम दिया गया हो। उल्लेखनीय है कि कल पूरी रात पुलिस के वरिष्ठ अधिकारी तथा प्रशासन के अन्य अधिकारी मौके पर पहुंचकर घटनास्थल का जायजा ले रहे थे। इस दौरान वहां लगे सीसीटीवी फुटेज को खंगाला जा रहा है। वहीं दूसरी ओर इस घटना के बाद पुलिस ने भोगामुख थानांतर्गत ऐजागुड़ी गांव के अरिंदम बोरा नामक युवक को हिरासत में लिया है। सूत्रों के अनुसार इस युवक सोशल मीडिया में घटना का स्वागत करते हुए कई पोस्ट साझा किए थे, जिसके बाद पुलिस की टीम कल उसके घर पहुंची और उसे हिरासत में ले लिया।
उल्लेखनीय है कि अरिंदम बोरा ने कुछ दिन पहले अल्फा में शामिल होने के लिए घर से गया था। लेकिन नगालैंड में उसे सेना के जवानों धर दबोचा था। इस घटना को लेकर अरिंदम नगालैंड और जोरहाट में जेल की हवा खा चुका है। घटना के बाद शहर में सुरक्षा-व्यवस्था और कड़ी कर दी गई है। जिले के विभिन्न स्थानों के अलावा प्रवेश और निकासी पर नाका चेकिंग लगाकर कड़ी तलाशी कर रही है। वहीं दूसरी तरफ प्रेस विज्ञप्ति जारी कर अल्फा (स्वा.) ने जोरहाट के लिचुबाड़ी स्थित सेना के 41 सब एरिया के परिसर हुए विस्फोट की जिम्मेदारी ली है। अल्फा के प्रचार विभाग के कैप्टन कमल असम द्वारा हस्ताक्षरित प्रेस विज्ञप्ति में अल्फा ने घटना की जिम्मेदारी लेते हुए कहा कि स्थानीय लोग अथवा पुलिस को आंतकित करने उद्देश्य से यह विस्फोट नहीं किया गया था।
बल्कि उपनिवेशिक भारत सरकार के कुछ चाटुकारों के विरोध यह अभियान चलाया गया था। साथ ही विज्ञप्ति में अल्फा ने उल्लेख किया है कि राज्य के पुलिस महानिदेशक जीपी सिंह ने स्थानीय लोगों के अधिकार को दबाने की कोशिश में लगे हुए है, जिसको अल्फा कतई सहन नहीं करेगा। तिनसुकिया के कार्यालय संवाददाता के अनुसार तिनसुकिया जिले में भी आज एक हस्तनिर्मित ग्रेनेड बरामद होने के चलते चर्चाओं का बाजार गर्म है। तिनसुकिया के हिजुगुड़ी पुलिस चौकी अंतर्गत लंकेश्वर गोहाईं नगर से परित्यक्त अवस्था में उक्त हस्तनिर्मित ग्रेनेड बरामद किया गया। ग्रेनेड बरामद होने की सूचना मिलते ही पुलिस द्वारा उस इलाके की जोरदार तलाशी अभियान चलाया गया।