गुवाहाटी : केंद्र सरकार इस बार आईपीएस अफसरों की संपत्ति की जांच करेगी। केंद्र सरकार ने असम के सभी आईपीएस अधिकारियों को लोकसभा चुनाव से पहले अपनी संपत्ति का विवरण जमा करने का निर्देश दिया है। केंद्रीय गृह मंत्रालय ने असम पुलिस में सेवारत असम-मेघालय कैडर के प्रत्येक आईपीएस अधिकारी को वार्षिक आय और व्यय विवरण प्रस्तुत करने का निर्देश दिया है। केंद्रीय गृह मंत्रालय की निदेशक (पुलिस) सुषमा चौहान ने इस संबंध में 11 दिसंबर को असम सरकार के मुख्य सचिव पवन बरठाकुर को पत्र भेजा था। गृह मंत्रालय के पत्र में आईपीएस अधिकारियों को लोकसभा चुनाव से पहले 31 जनवरी, 2024 तक संपत्ति का विवरण जमा करने की भी आवश्यकता है।
निर्देश में आईपीएस अधिकारियों को एक निश्चित समय सीमा के भीतर अपनी वार्षिक आय, व्यय और संपत्ति का विवरण एक अनुमोदित पोर्टल पर अपलोड करने की भी आवश्यकता है। गृह मंत्रालय से निर्देश मिलने के बाद असम पुलिस प्रमुखों के बीच हरकंप है। असम पुलिस के कुछ शीर्ष अधिकारियों पर आय से अधिक संपत्ति तथा गैर आय संपत्ति के कई आरोप हैं। कुछ भ्रष्ट आईपीएस अधिकारियों के खिलाफ जांच के साथ-साथ सिंडिकेट से नियमित रूप से धन उगाही के भी आरोप हैं।
हाल ही में बजाली में रंगदारी मांगने के मामले में पुलिस ने एक आईपीएस अधिकारी को गिरफ्तार किया था। पहले भी गैर आय संपत्ति मामले में सीएम विजिलेंस ने कई आईपीएस अधिकारियों को गिरफ्तार किया है। पत्र में यह भी कहा गया है कि आईपीएस अधिकारियों को अखिल भारतीय सेवा आचरण नियमों के तहत गृह मंत्रालय को अपनी संपत्ति का खुलासा करना आवश्यक है। यदि कोई आईपीएस अधिकारी निर्धारित समय के भीतर आय, व्यय और संपत्ति विवरण जमा नहीं करता है, तो उसे विजिलेंस से एनओसी नहीं मिलेगी।