नई दिल्ली : राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने बुधवार को कहा कि संसद परिसर में उपराष्ट्रपति को जिस तरह अपमानित किया गया, उससे वह बेहद व्यथित हैं। राष्ट्रपति ने कहा कि निर्वाचित प्रतिनिधि अपने विचार रखने के लिए स्वतंत्र हैं, लेकिन उनकी अभिव्यक्ति शालीनता तथा मर्यादा के दायरे में होनी चाहिए। राष्ट्रपति का यह बयान सांसदों के निलंबन के खिलाफ मंगलवार को संसद की सीढय़िों पर विपक्षी सदस्यों के विरोध प्रदर्शन के दौरान तृणमूल कांग्रेस के सांसद कल्याण बनर्जी द्वारा धनखड़ की नकल उतारे जाने के एक दिन बाद आया है। मुर्मू ने सोशल मीडिया मंच 'एक्स' पर एक पोस्ट में कहा कि संसद परिसर में हमारे माननीय उपराष्ट्रपति को जिस तरह से अपमानित किया गया, उससे मैं बेहद व्यथित हूं।
निर्वाचित प्रतिनिधि अपने विचार रखने के लिए स्वतंत्र हैं लेकिन उनकी अभिव्यक्ति शालीनता एवं मर्यादा के दायरे में होनी चाहिए। हमारी संसदीय परंपराएं हैं जिन पर हमें गर्व है और भारत के लोग उन्हें बरकरार रखने की आशा करते हैं। राष्ट्रपति के इस पोस्ट पर राज्यसभा के सभापति ने कहा कि वह आखिरी सांस तक संवैधानिक सिद्धांतों को बरकरार रखने के लिए प्रतिबद्ध हैं और कोई भी अपमान उन्हें ऐसा करने से रोक नहीं सकता। उपराष्ट्रपति ने मुर्मू के समर्थन के लिए, साथ ही यह याद दिलाने के लिए उनका आभार व्यक्त किया कि बुनियादी मर्यादा बनी रहनी चाहिए।
धनखड़ ने सोशल मीडिया मंच 'एक्स' पर कहा कि मैं आखिरी सांस तक संवैधानिक सिद्धांतों को बरकरार रखने के लिए प्रतिबद्ध हूं और कोई अपमान मुझे ऐसा करने से रोक नहीं सकता। इससे पहले दिन में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने उपराष्ट्रपति धनखड़ को फोन किया और संसद परिसर में कुछ सांसदों की ओर से 'अशोभनीय आचरण' करते हुए उनका मजाक उड़ाए जाने पर गहरा दुख व्यक्त किया। संसद की सुरक्षा में सेंध की घटना पर गृह मंत्री अमित शाह के बयान की मांग को लेकर हंगामा करने पर दोनों सदनों से 90 से अधिक विपक्षी सदस्यों को निलंबित किए जाने के विरोध में विपक्ष के सांसदों ने कल मंगलवार को संसद परिसर में प्रदर्शन किया और सदन की 'मॉक कार्यवाही' का आयोजन किया था।