नई दिल्ली : जस्टिन ट्रूडो के एक साक्षात्कार में दिए गए बयान के बाद भारत ने कहा है कि भारत को भी आशा है कि कनाडा भारत विरोधी तत्वों के खिलाफ कार्रवाई करेगा। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता अरिंदम बागची ने बृहस्पतिवार को कहा कि कनाडा के लिए भारत का मुख्य मुद्दा वहां सक्रिय भारत विरोधी ताकतों को दी जाने वाली छूट का है। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता अरिंदम बागची ने प्रेस कांफ्रेंस  में कहा कि भारत को भी उम्मीद है कि कनाडा अलगाववादियों और भारत विरोधी तत्वों के खिलाफ कार्रवाई करेगा।

निखिल गुप्ता के मामले में भी विदेश मंत्रालय ने बड़ी जानकारी दी है। प्रवक्ता अरिंदम बागची ने कहा कि भारत को कम से कम तीन मौकों पर निखिल गुप्ता तक राजनयिक पहुंच प्राप्त  हुई। भारतीय नागरिक निखिल गुप्ता को बीती 30 जून को चेक रिपब्लिक में गिरफ्तार किया गया। निखिल गुप्ता पर आरोप है कि वह भारत के एक कथित सरकारी अधिकारी के संपर्क में था और निखिल गुप्ता और अन्य लोग अमरीका के न्यूयॉर्क में भारतीय मूल के एक अलगाववादी नेता की हत्या की साजिश रच रहे थे।

अमरीका मीडिया का दावा है कि वह अलगाववादी नेता गुरुपतवंत सिंह पन्नू है। अमरीकी न्याय विभाग के अनुसार, निखिल गुप्ता ने पन्नू की हत्या के लिए एक किलर से भी संपर्क किया था। कतर में 8 पूर्व भारतीय नौसेना कर्मियों को मौत की सजा पर भी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता अरिंदम बागची ने जानकारी दी। उन्होंने बताया कि यह मामला अपीलीय अदालत में है।