डिजिटल डेस्क : बिलकिस बानो मामले पर आज सुप्रीम कोर्ट सुनाया बड़ा फैसला। सुप्रीम कोर्ट की दो न्यायाधीशों की बेंच ने सोमवार को गुजरात सरकार द्वारा अगस्त 2022 के फैसले को रद्द कर दिया हैं, जिसमें 2002 के गुजरात दंगों के दौरान बिलकिस बानो के सामूहिक बलात्कार और उसके परिवार के सात सदस्यों की हत्या के मामले में 11 दोषियों को माफी दी गई थी।
सुप्रीम कोर्ट ने पिछले साल सितंबर में सवाल किया था कि, क्या दोषियों को सजा में छूट पाने का मौलिक अधिकार है और समाज के साथ फिर से जुड़ने का अवसर ऐसे दोषियों को मिलना चाहिए। एपेक्स कोर्ट के हिसाब से, क्योंकि महाराष्ट्र में सामूहिक बलात्कारियों को दोषी ठहराया गया और सजा सुनाई गई थी तो गुजरात सरकार दोषियों को सजा की माफी देने के लिए सक्षम नहीं है।
इससे पहले 12 अक्टूबर को जस्टिस बी वी नागरत्ना और उज्जल भुइयां की बेंच ने बिलकिस बानो द्वारा दायर याचिकाओं पर अपना फैसला सुरक्षित रख लिया था। हालांकि, शीर्ष अदालत ने केंद्र और गुजरात सरकार को 16 अक्टूबर तक फैसला सुरक्षित रखते हुए सजा माफी से संबंधित मूल रिकॉर्ड जमा करने का निर्देश दिया था।