पूर्वांचल प्रहरी डेस्क संवाददाता गुवाहाटी : दो दिवसीय कार्यक्रम के साथ 9 और 10 जनवरी को काजीरंगा राष्ट्रीय उद्यान और टाइगर रिजर्व में पांचवीं पक्षी गणना के बाद राष्ट्रीय उद्यान की निदेशक सोनाली घोष ने शुक्रवार को पक्षियों की गिनती के आंकड़े जारी किए। पांचवीं पक्षी गणना के अनुसार काजीरंगा ने भारत के दूसरे प्रमुख पक्षी अभयारण्य के रूप में पहचान प्राप्त की है। पहले स्थान पर रहे चिल्का झील के बाद काजीरंगा को देश के दूसरे पक्षी अभयारण्य रूप में जगह मिली। शुक्रवार को काजीरंगा के कहरा में स्थित वन विभाग के महीचंद्र मिरी हॉल में काजीरंगा राष्ट्रीय उद्यान की निदेशक सोनाली घोष ने यह खुलासा किया। चिल्का झील के 1.13 लाख पक्षियों की तुलना में पांचवीं पक्षी गणना के बाद काजीरंगा राष्ट्रीय उद्यान 84,839 पक्षियों के साथ देश का दूसरा सबसे बड़ा पक्षी अभयारण्य बना। अधिकारी ने कहा कि सरकार अब काजीरंगा को रामचर स्थलों की सूची में शामिल करने के प्रयास शुरू करेगी।
9 और 10 जनवरी को काजीरंगा राष्ट्रीय उद्यान और टाइगर रिजर्व में आयोजित पांचवीं पक्षी गणना में कुल 115 बीलों पर गणना की गई। गणना के अनुसार काजीरंगा राष्ट्रीय उद्यान में विभिन्न प्रजातियों के कुल 84,839 पक्षी पाए गए। गणना के अनुसार काजीरंगा में 1,270 प्रजातियों के 84,839 पक्षी पाए गए हैं। ये आंकड़े तीन वन प्रभागों के 115 जलाशयों और बीलों पर कुल 108 गणनाकारों, 176 स्वयंसेवकों और 300 से अधिक वन श्रमिकों द्वारा तैयार किए गए। आंकड़ों के अनुसार, 2021-22 की चौथी पक्षी गणना की तुलना में 2022-23 की पांचवीं पक्षी गणना में 18,045 पक्षियों की वृद्धि देखी गई। काजीरंगा में आयोजित की गई इस पक्षी गणना संपन्न होने पर काजीरंगा की निदेशक सोनाली घोष ने स्थानीय लोगों, राजनीतिक दलों और सभी शैक्षणिक संस्थानों को उनके सहयोग के लिए धन्यवाद दिया।