पूर्वांचल प्रहरी डेस्क संवाददाता गुवाहाटी : 2023 वर्ष के लिए राज्य सरकार के सर्वोच्च नागरिक पुरस्कारों- असम वैभव, असम सौरभ और असम गौरव पुरस्कार के प्राप्तकर्ताओं के नामों की घोषणा कर दी गई है। मुख्यमंत्री डॉ. हिमंत विश्व शर्मा ने मंगलवार को दिसपुर के लोकसेवा भवन में आयोजित एक संवाददाता सम्मेलन में पुरस्कारों की घोषणा की। पुरस्कारों की घोषणा करते हुए सीएम डॉ. शर्मा ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट के पूर्व मुख्य न्यायाधीश रंजन गोगोई को राज्य सरकार का सर्वोच्च नागरिक सम्मान असम वैभव पुरस्कार से सम्मानित किया जाएगा। कानूनी इतिहास में रंजन गोगोई जैसा व्यक्ति मिलना मुश्किल है। कानून और न्याय के क्षेत्र में उत्कृष्ट योगदान के लिए उन्हें असम वैभव पुरस्कार के लिए चुना गया है। यह पुरस्कार पहले रतन टाटा और डॉ. तपन सैकिया को प्रदान किया गया था। गौरतलब है कि ऐतिहासिक राम मंदिर पर रंजन गोगोई की अध्यक्षता वाली पांच सदस्यीय पीठ ने फैसला सुनाया था। वे देश के मुख्य न्यायाधीश का पद संभालने वाले पूर्वोत्तर के पहले व्यक्ति हैं। रंजन गोगोई निश्चित रूप से असम वैभव पुरस्कार के लिए योग्य हैं। मुख्यमंत्री ने असम सौरव पुरस्कार प्राप्तकर्ताओं के नामों की घोषणा की। उत्तर प्रदेश के गाजियाबाद के निवासी डॉ. कृषण चंद नौरियाल को कला और संस्कृति के क्षेत्र में उनके योगदान के लिए इस वर्ष के असम सौरभ पुरस्कार से सम्मानित किया जाएगा।
डॉ. कृष्ण चंद नौरियाल ने चराइदेव मैदाम का विश्व विरासत नामांकन का डॉसियर तैयार किया था। डॉ. नौरियाल आज भी चराइदेव मैदाम के संरक्षण और यूनेस्को की विभिन्न सिफारिशों के कार्यान्वयन में विशेष भूमिका निभा रहे हैं। हमने दूसरे असम सौरभ पुरस्कार के लिए गुवाहाटी के एल्विस अली हजारिका को चुना है। एल्विस अली हजारिका ने कम उम्र में ही इंग्लिश चैनल तैरकर पार किया था और तैराकी का रिकॉर्ड बनाया था। हमने धावक हिमा दास को भी असम सौरव पुरस्कार के लिए चुना है। चौथा असम सौरभ पुरस्कार तिवा साहित्य और संस्कृति के शोधकर्ता नादिराम देउरी को प्रदान किया जाएगा। इन चार व्यक्तियों को असम सौरभ पुरस्कार से सम्मानित किया जाएगा। असम गौरव पुरस्कार के प्राप्तकर्ताओं में रंजीत गोगोई, पार्वती बरुवा, देवजीत चांगमाई, द्रोण भुइयां, नीलम दत्त, अनुपम डेका, सौम्यदीप दत्त, बसंत चिरिंग फुकन, महेंद्र डेका, नीलाक्षी चेतिया, पखिला लेकथेपी, तेनजिंग बोड़ो, निर्मल डे, जैसिन कुंबांग, मैरी हाचा, उपेंद्र राभा और राहुल गुप्ता शामिल हैं। गिनीज वर्ल्ड बुक ऑफ रिकॉर्ड्स में बिहू को स्थान प्राप्त कराने में चराइदेव के रंजीत गोगोई की खास भूमिका थी। इसलिए उन्हें इस पुरस्कार के लिए चुना गया है।
इस वर्ष का असम गौरव पुरस्कार धुबड़ी की प्रमुख हाथी विशेषज्ञ श्रीमती पार्वती बरुवा को भी प्रदान किया जाएगा। बीबीसी ने संयक्त राष्ट्र पर्यावरण कार्यक्रम में उन पर एक डॉक्यूमेंट्री भी बनाई है। पार्वती बरुवा ने पिछले 30 वर्षों से हाथी-मानव संघर्ष को समाप्त करने में अद्भुत योगदान दिया है। असम के एक प्रमुख साउंड इंजीनियर देवजीत चांगमाई, जो मुंबई में फिल्म उद्योग में एक जाना-माना नाम हैं, उन्हें भी असम गौरव के लिए चुना गया है। सुकनानी ओजापाली के विशेष प्रचार और प्रसार के लिए सिपाझार के द्रोण भुइयां को असम गौरव पुरस्कार प्रदान जाएगा। विश्वनाथ के एक उच्च शिक्षित युवा नीलम दत्त को जैविक खेती के क्षेत्र में खास काम के लिए असम गौरव पुरस्कार भी प्रदान किया जाएगा। वे पाभै ग्रीन्स नामक संगठन से जुड़े हैं और कृषि क्षेत्र में बहुत सारी आधुनिक तकनीक उपयोग में लाए हैं। दरंग के प्रमुख उद्यमी तथा रिपोज बेकरी के मालिक अनुपम डेका को भी असम गौरव पुरस्कार के लिए चुना गया है। प्रकृति के क्षेत्र में कार्य करने वाले प्रमुख व्यक्ति धुबड़ी की सौम्यदीप दत्त को असम गौरव पुरस्कार के लिए चुना गया है।
जोरहाट के बसंत चिरिंग फुकन को मशरूम की अपनी किस्म बनाने के लिए असम गौरव पुरस्कार प्रदान किया गया है। बांस का उचित उपयोग कर विभिन्न उत्पाद बनाने के लिए बरपेटा के मनेंद्र डेका को असम गौरव पुरस्कार प्रदान किया जाएगा। शिवसागर में आशा कार्यकर्ता मीनाक्षी चेतिया को डीमैट ब्लॉक पीएचसी तथा पूरे नबील क्षेत्र में उत्कृष्ट योगदान के लिए असम गौरव पुरस्कार के लिए चुना गया है। कार्बी आंगलांग की लोक गायिका पखिला लेकथेेपी को असम गौरव पुरस्कार के लिए चुना गया है। उदालगड़ी के तेनजिंग बोरो को हाथियों के अनुकूल चाय बागानों को बढ़ावा देने की दिशा में उनके काम के लिए असम गौरव पुरस्कार प्रदान किया जाएगा। उनका पूरा विचार हाथियों के साथ मिलकर चाय उद्योग का विस्तार करना है। बराक घाटी में शीतल पाटी पर उनके काम के लिए निर्मल डे को असम गौरव पुरस्कार के लिए चुना गया है। धेमाजी के जैक्सन कुम्बंग पाओ को हस्तशिल्प उद्योग में उनके उत्कृष्ट योगदान के लिए असम गौरव पुरस्कार से सम्मानित किया जाएगा। उनका कंकन धेमाजी नाम से एक आउटलेट भी है।
तिनसुकिया की आंगनवाड़ी कार्यकर्ता मैरी हासा को बच्चों के स्वास्थ्य में उत्कृष्ट योगदान के लिए असम गौरव पुरस्कार के लिए चुना गया है। दुधनई, ग्वालपाड़ा के उपेन्द्र राभा, जिन्होंने असम में काले चावल के बीजों को लोकप्रिय बनाया है, को असम गौरव पुरस्कार के लिए चुना गया है। उन्होंने असम से काला चावल निर्यात भी किया है। असम की धरती पर स्ट्रॉबेरी, शिमला मिर्च आदि की सफल खेती के लिए तिनसुकिया के राहुल गुप्ता को असम गौरव पुरस्कार के लिए चुना गया है। उन्होंने फ्लैश फार्म नामक ब्रांड बनाकर दुनिया भर में ख्याति अर्जित की है। मुख्यमंत्री ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा कि 10 फरवरी को देश के उपराष्ट्रपति की मौजूदगी में राज्यपाल गुलाब चंद कटारिया कलाक्षेत्र में आयोजित एक समारोह में पुरस्कार प्रदान करेंगे। मुख्यमंत्री ने कहा कि असम वैभव पुरस्कार के साथ 5 लाख रुपए, असम सौरभ पुरस्कार के साथ 4 लाख रुपए और असम गौरव पुरस्कार के साथ 3 लाख रुपए का भुगतान किया जाएगा। पुरस्कार विजेताओं को राज्य के मेडिकल कॉलेजों में भुगतान केबिन के साथ आजीवन चिकित्सा उपचार मिलेगा। उन्हें एएसटीसी बसों में