पूर्वांचल प्रहरी कार्यालय संवाददाता  गुवाहाटी : भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (इसरो)के अध्यक्ष डॉ.श्रीधर पणिक्कर सोमनाथ ने बुधवार को कहा कि एक दौर था,जब भारत में शक्ति के रूप में तलवार से परिभाषित किया जाता था और फिर प्राकृतिक और मानव संसाधनों की उपलब्धता से, लेकिन आज भारत की सामाजिक पृष्ठभूमि में सर्वशक्ति को ज्ञान द्वारा परिभाषित किया जाने लगा है, भारत जो ज्ञान के इर्द-गिर्द हर चीज को आकार देने में लगा है। प्रागज्योतिषपुर विश्वविद्यालय की ओर से श्रीमंत शंकर देव कलाक्षेत्र सभागार में आयोजित शिल्पी दिवस के अवसर पर मुख्य अतिथि के रूप में इसरो के अध्यक्ष डॉ.  सोमनाथ ने विभिन्न स्कूलों व कालेजों के विद्यार्थियों को संबोधन करते हुए कहा कि समय के साथ सब कुछ बदल गया है। उस देश में पैदा हुए जहां पहले से ही समाज को सर्वशक्तिमान बनाने का नजरिया अलग थी, लेकिन आज समय बदला है, लोगों का नजरिया बदला है। उन्होंने कहा कि आज भारत ही नहीं पूरी दुनिया ज्ञान, तकनीक और उद्यमशीलता को तबज्जो दे रहा है। यही कारण है कि भारत आज दुनिया में अपनी ज्ञान का परचम लहरा रहा है।

डॉ. सोमनाथ ने कहा कि अंतरिक्ष अन्वेषण में भारत के साहसिक प्रयास और उसकी चुनौतियों कम नहीं थीं। भारत ने कभी भी अपनी विफलता से निराशा को प्रदर्शन नहीं किया, बल्कि उसे सफलता  के  मार्ग के रूप में अपनाते हुए अगे बढ़ा। अपने संबोधन के दौरान उन्होंने कहा कि अंतरिक्ष में शोध करने का कोई अंत नहीं है, लेकिन भारत के अंतरिक्ष उद्यमों का भविष्य काफी उज्ज्वल है। उन्होंने कहा कि इसरो मानव जाति के लिए अंतिरिक्ष के फायदों का लाभ उठाने के लिए विज्ञान, इंजीनियरिंग और तकनीकी पर अधिक जोर दे रहा है। उन्होंने कहा कि एक राष्ट्र को अपने नागरिकों के जीवन स्तर को ऊंचा उठाने में सक्षम होने के लिए शक्तिशाली होना होगा। डा.सोमनाथ ने कृत्रिम बुद्धिमत्ता क्रांति का उल्लेख करते हुए कहा कि आज एआई द्वारा आकार और संचालित दुनिया में सामाजिक संवेदनशीलता से समझौता नहीं किया जाना चाहिए।

उल्लेखनीय है कि सोमनाथ ने अपने संबोधन के बाद विद्याॢथयों के सवालों का उत्तर दिया और उन्हें हमेशा ज्ञान अॢजत करने की दिशा में कठिन परिश्रम करने की सलाह दी। उल्लेखनीय है कि कार्यक्रम का शुभारंभ दीप प्रज्ज्वलन और ज्योति प्रसाद अग्रवाला की तस्वीर पर माल्यार्पण के बाद विश्वविद्यालय की ओर से भारत के महान वैज्ञानिक को सम्मानित किया गया। कार्यक्रम के दौरान डॉ. सोमनाथ के साथ अन्य गणमान्य व्यक्ति भी मौजूद थे। प्रागज्योतिषपुर विश्वविद्यालय के कुलाधिपति प्रो.प्रदीप कुमार जोशी, कुलपति प्रो. स्मृति कुमार सिन्हा, रजिस्ट्रार प्रो. जोगेश काकती, आयोजन समिति के अध्यक्ष प्रो. परिमल चंद्र भट्टाचार्य और असम सरकार के शिक्षा सलाहकार प्रो.डॉ.ननी गोपाल महंत विशेष रूप से उपस्थित थे। मीडिया आर्किटेक्ट शैलेन्द्र पांडे एवं लालजी सोनारी भी कार्यक्रम में शामिल थे।