30 लाख डॉलर में खरीदे गए मिचेल स्टार्क पर प्रदर्शन में सुधार का दबाव रहेगा। केकेआर फिलहाल दस अंक लेकर तालिका में दूसरे स्थान पर है जबकि राजस्थान रॉयल्स 14 अंकों के साथ शीर्ष पर है। केकेआर को अब तक सफलता उसके शीर्षक्रम के बल्लेबाजों के दम पर मिली है। पंजाब किंग्स के रूप में उसके सामने अब कमजोर प्रतिद्वंद्वी है जो शशांक सिंह और आशुतोष शर्मा के बेहतरीन प्रदर्शन के बावजूद अच्छा नहीं खेल सकी है। प्लेऑफ की दौड़ से पंजाब लगभग बाहर ही है। केकेआर के लिए शीर्षक्रम पर सुनील नारायण (176.54 की स्ट्राइक रेट से 286 रन) और फिल सॉल्ट (169.38 की औसत से 249 रन) ने शानदार प्रदर्शन किया है। आंद्रे रसेल (184. 52 की स्ट्राइक रेट से 155 रन) और कप्तान श्रेयस अय्यर (126 की स्ट्राइक रेट से 190 रन) ने भी रन बनाए हैं।

रिंकू सिंह ने टूर्नामेंट में सात मैचों में 67 गेंदें ही खेली है और 160 के करीब रन बना लिए हैं। अय्यर को छोड़कर सभी विशेषज्ञ बल्लेबाजों ने 150 से अधिक के स्ट्राइक रेट से रन बनाए हैं जिसकी वजह से शाहरूख खान की टीम सात मैचों में चार बार 200 से अधिक का स्कोर बना सकी है। वेंकटेश अय्यर की एकमात्र बल्लेबाज हैं जो खराब फार्म में हैं जबकि ऊंगली में फ्रैक्चर के कारण बाहर नीतिश राणा की गैर मौजूदगी से टीम के स्पिन के महारथी बल्लेबाज और उपयोगी ऑफ ब्रेक गेंदबाज की कमी खल रही है। गेंदबाजी में सिर्फ नारायण ही अनुशासित प्रदर्शन कर सके हैं। उनका इकॉनॉमी रेट सात के इर्द गिर्द रहा है जो 'इंपैक्ट खिलाड़ी के नियमÓ के इस दौर में काफी प्रभावी है। वैसे अब नारायण भी पिछले मैच में महंगे साबित हुए हैं।

रजत पाटीदार ने उन्हें एक ओवर में दो छक्के लगाए और अब पंजाब के पास फॉर्म में चल रहे दो बल्लेबाज शशांक और आशुतोष हैं। दूसरी ओर स्टार्क 11.48 की इकॉनॉमी रेट से रन लुटा रहे हैं और उन्हें छह ही विकेट मिल सके हैं। उन्हें 24 करोड़ 75 लाख रुपए में खरीदा गया था और अब उन पर इस रकम के साथ न्याय करने का दबाव होगा। स्टार्क की तुलना में हर्षित राणा (9.25 की इकॉनॉमी से नौ विकेट) और वैभव अरोड़ा (9. 57 की इकॉनॉमी से सात विकेट) जैसे घरेलू गेंदबाज बेहतर साबित हुए हैं। स्टार्क का भरोसा अपनी रफ्तार पर रहा है और वह धीमी गेंद डालने को तैयार नहीं है जिससे बल्लेबाज डैथ ओवरों में उन्हें आसानी से खेल पा रहे हैं।

केकेआर के लिए स्टार्क का फॉर्म में लौटना बहुत जरूरी है। पंजाब को जीत की राह पर लौटना है तो केकेआर की कमजोर गेंदबाजी का फायदा उठाना होगा। पंजाब के शीर्षक्रम के बल्लेबाज प्रभसिमरन सिंह, लियाम लिविंगस्टोन, रिली रोसोयू और जॉनी बेयरस्टो फॉर्म में नहीं हैं। आशुतोष और शशांक के बल्ले से ही रन निकल रहे हैं। पंजाब खेमा उम्मीद कर रहा होगा कि उनके नियमित कप्तान शिखर धवन कंधे की चोट से उबरकर जल्दी वापसी करें।