खगोलीय घटनाओं और सितारों में दिलचस्पी रखने वालों के लिए सितंबर का महीने बेहद ही खास होने जा रहा है। इस महीने खगोलविद एक दो नहीं, बल्कि कई न भूलने वाली खगोलीय घटनाओं को होता हुआ देखेंगे। आंशिक चंद्रग्रहण से लेकर सुपर हार्वेस्ट मून तक, सितंबर की रात में आश्चर्यजनक नजारे देखने को मिलेंगे। यहां उन प्रमुख खगोलीय घटनाओं के बारे में जानते हैं, जिन्हें आप इस महीने देखने से चूकना नहीं चाहेंगे। महीने के तीसरे दिन ही न्यू मून से इसकी शुरुआत होने जा रही है, तो 22 सितंबर को शरद विषुव के साथ ही सूर्य दक्षिणी गोलार्द्ध में प्रवेश करता है।

3 सितंबर : न्यू मून : महीने की शुरुआत 3 सितंबर मंगलवार को न्यू मून से होगी। चंद्रमा का यह चरण एक नए चंद्र चक्र की शुरुआत का प्रतीक है। खगोल विज्ञान में न्यू मून पहले चंद्र चरण को कहते हैं। इस दौरान चंद्रमा और सूर्य एक रेखांश पर होते हैं। इसके चलते चंद्रमा की डिस्क नंगी आंखों से दिखाई नहीं देती।

5 सितंबरः सूर्य से दूरी पर बुध : 5 सितंबर गुरुवार को बुध सूर्य के पश्चिम में सबसे अधिक दूरी पर होगा। यह इस ग्रह को देखने के लिए सबसे सही समय बन जाएगा। हमारे सौर मंडल का सबसे छोटा ग्रह बुध सुबह के समय सूर्योदय से ठीक पहले आसमान में दिखाई देगा।

8 सितंबर : शनि का विपरीत होना : रविवार 8 सितंबर को शनि ग्रह आकाश में सूर्य के ठीक विपरीत होगा। इस दौरान शनि पृथ्वी के सबसे करीब होगा, जिससे यह सामान्य से अधिक चमकीला और बड़ा हो जाएगा। दूरबीन की मदद से खगोलविद शनि ग्रह के आश्चर्यजनक छल्लों को देख पाएंगे। इस दौरान शायद कुछ बड़े चंद्रमाओं को भी देख सकेंगे।

17/18 सितंबर : आंशिक चंद्र ग्रहण : 17 और 18 सितंबर को आंशिक चंद्र ग्रहण होगा। इस दौरान चंद्रमा का एक हिस्सा पृथ्वी की छाया से होकर गुज़रेगा। यह घटना यूरोप, एशिया, ऑस्ट्रेलिया और अफ्रीका के कुछ हिस्सों में रहने वालों को दिखाई देगी। हालांकि यह पूर्ण ग्रहण नहीं होगा, लेकिन यह एक जबर्दस्त नजारा पेश करेगा।

18 सितंबर : सुपर हार्वेस्ट मून : 18 सितंबर को सुपर हार्वेस्ट मून की उपस्थिति के लिए चिह्नित किया गया है। इस दौरान चंद्रमा पृथ्वी के सबसे करीब होता है, जिससे यह बड़ा और चमकीला दिखाई देता है। यह सितंबर विषुव के सबसे करीब होने वाली पूर्णिमा है। सुपर हार्वेस्ट मून रात को एक खूबसूरत सुनहरी चमक से रोशन करेगा, जो फोटोग्राफी के शौकीनों के लिए काम की चीज है।

22 सितंबर : शरद विषुव : महीने की आखिरी खगोलीय घटना 22 सितंबर को शरद विषुव या सितंबर विषुव के रूप में होगी। यह घटना उत्तरी गोलार्ध में शरद ऋतु और दक्षिणी गोलार्द्ध में वसंत की आधिकारिक शुरुआत का प्रतीक है। इस तारीख को सूर्य भूमध्य रेखा को पार करके दक्षिणी गोलार्द्ध में प्रवेश करता है। इस वजह से दिन और रात की लंबाई लगभग बराबर होती है।