रांचीः झारखंड विधानसभा चुनाव में प्रचार चरम पर है। राज्य में 13 नवंबर को पहले और 20 नवंबर को दूसरे चरण का मतदान होना है। इस बीच एसोसिएशन फॉर डेमोक्रेटिक रिमार्म्स  ने पहले चरण के उम्मीदवारों द्वारा दाखिल हलफनामों पर रिपोर्ट प्रकाशित की है। रिपोर्ट के मुताबिक, झारखंड विधानसभा चुनाव 2024 के पहले चरण की 43 सीटों पर कुल 683 प्रत्याशी मैदान में हैं, जिनमें से 73 (11 प्रति.) महिला उम्मीदवार हैं। एडीआर ने झारखंड विधानसभा चुनाव के पहले चरण में चुनाव लड़ रहे 683 उम्मीदवारों में से 682 के शपथ-पत्रों का विश्लेषण किया है। हलफनामे की अस्पष्टता के कारण तोरपा (एसटी) सीट से चुनाव लड़ रहे निर्दलीय उम्मीदवार ब्रजेंद्र हेमरोम का ब्योरा शामिल नहीं किया गया है। 682 में से 174 उम्मीदवारों (26 फीसदी) पर आपराधिक मामले दर्ज हैं। वहीं 127 उम्मीदवारों (19 फीसदी) पर गंभीर आपराधिक मामले दर्ज हैं। प्रमुख पार्टियों में सबसे ज्यादा दागी उम्मीदवार भाजपा के हैं। भाजपा के 36 में से 20 उम्मीदवारों (56 प्रति.) पर आपराधिक मामले दर्ज हैं। इसके बाद कांग्रेस के 17 उम्मीदवारों में से 11 (65 प्रति.), झामुमो के 23 उम्मीदवारों में से 11 (48 प्रति.), बसपा के 29 उम्मीदवारों में से 8 (28 प्रति.) के खिलाफ आपराधिक मामले दर्ज हैं। राजद के 5 उम्मीदवारों में से 3 और जदयू के दोनों उम्मीदवारों ने अपने हलफनामों में अपने खिलाफ आपराधिक मामले घोषित किए हैं। गंभीर आपराधिक मामले वाले उम्मीदवारों की बात करें तो प्रमुख दलों में से भाजपा के 36 उम्मीदवारों में से 15 (42 प्रति.) ने अपने खिलाफ गंभीर आपराधिक मामले घोषित किए हैं। वहीं, कांग्रेस के 17 उम्मीदवारों में से 8 (47 प्रति.), झामुमो के 23 उम्मीदवारों में से 7 (30 प्रति.), बसपा के 29 उम्मीदवारों में से 6 (21 प्रति.), राजद के 5 उम्मीदवारों में से 3 (60 प्रति.) और जदयू के 2 उम्मीदवारों में से 2 (100 प्रति.) के खिलाफ गंभीर आपराधिक मामले दर्ज हैं। 11 उम्मीदवारों ने महिलाओं के विरुद्ध अपराध से संबंधित मामले घोषित किए हैं। 4 उम्मीदवारों ने अपने विरुद्ध हत्या से संबंधित मामले (पुरानी आईपीसी धारा-302) घोषित किए हैं। हत्या के प्रयास (आईपीसी धारा 307 और बीएनएस धारा 109) से संबंधित घोषित मामलों वाले 40 उम्मीदवार हैं। 2024 में पहले चरण में उतरे 682 प्रत्याशियों में से 34 फीसदी यानी 235 प्रत्याशी करोड़पति हैं। इन सभी प्रत्याशियों के औसत धन की बात करें तो 2.16 करोड़ रुपए है। 63 प्रत्याशी ऐसे हैं जिनकी संपत्ति पांच करोड़ या इससे ज्यादा है। 78 उम्मीदवारों की दौलत दो से पांच करोड़ के बीच है। 50 लाख से दो करोड़ की संपत्ति वाले 198 उम्मीदवार मैदान में हैं। ऐसे उम्मीदवार जिनकी दौलत 10 लाख से 50 लाख है उनकी संख्या 199 है। 144 प्रत्याशियों की संपत्ति 10 लाख से कम की है। पहले चरण में प्रमुख दलों में भाजपा के 36 उम्मीदवारों में से 30 (83 प्रति.) उम्मीदवार करोड़पति हैं। इसके बाद झामुमो के 23 उम्मीदवारों में से 18 (78 प्रति.), कांग्रेस के 17 उम्मीदवारों में से 16 (94 प्रति.), बसपा के 29 उम्मीदवारों में से 7 (24 प्रति.), राजद के 5 उम्मीदवारों में से 4 (80 प्रति.) और जदयू के 2 उम्मीदवारों में से 2 (100 प्रति.) ने 1 उम्मीदवार करोड़पति हैं। इन सभी प्रत्याशियों ने एक करोड़ रुपए से अधिक मूल्य की संपत्ति घोषित की है। पहले चरण के सबसे अमीर प्रत्याशी सिंहभूम जिले की पोटका (एसटी) सीट से निर्दलीय कंदोमणि भूमिज हैं। भूमिज की कुल संपत्ति 80 करोड़ है। दूसरे नंबर पर पलामू के डाल्टनगंज से कांग्रेस उम्मीदवार कृष्णा नंद त्रिपाठी हैं, जिनकी संपत्ति 70.91 करोड़ रुपए है। वहीं, रांची सीट से निर्दलीय उतरे आयुष रंजन तीसरे सबसे अमीर प्रत्याशी हैं। आयुष की कुल संपत्ति 70.55 करोड़ है। एडीआर ने अपनी रिपोर्ट में उम्मीदवारों की शिक्षा का विवरण भी दिया है।