नई दिल्ली : लोक गायिका शारदा सिन्हा का 72 साल की आयु में निधन हो गया। शारदा सिन्हा ने दिल्ली एम्स में अंतिम सांस ली। उनके निधन के बाद बेटे अंशुमान सिन्हा ने कहा कि आप सब की प्रार्थना और प्यार हमेशा मां के साथ रहेंगे। मां को छठी मईया ने अपने पास बुला लिया है । मां अब शारीरिक रूप में हम सब के बीच नहीं रहीं। लोकप्रिय लोक और शास्त्रीय गायिका शारदा सिन्हा का नाम बिहार की संस्कृति और आकर्षण से बहुत जुड़ा हुआ है। अचानक तबीयत बिगड़ जाने पर उन्हें दिल्ली एम्स में लाइफ सपोर्ट के लिए वेंटिलेटर पर रखा गया था। शारदा सिन्हा को कला जगत में अभूतपूर्व योगदान के लिए देश के सर्वोच्च नागरिक सम्मानों से नवाजा गया था। पद्म श्री और पद्म भूषण से सम्मानित शारदा सिन्हा के बेटे अंशुमान ने मीडिया से बात करते हुए कहा था कि खुद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने उनसे फोन पर बात कर मां की तबीयत के बारे में जानकारी ली। इससे पहले सोमवार को शारदा सिन्हा के बेटे अंशुमान सिन्हा ने अपने फेसबुक पर अपनी मां की स्वास्थ्य की जानकारी देते हुए लिखा था कि शारदा सिन्हा मां कुछ देरपहले वेंटिलेटर पर चली गई हैं। यह खबर इस बार सच है। प्रार्थनाओं और दुआओं की बहुत जरुरत है। शारदा सिन्हा का जन्म 1 अक्तूबर, 1952 को सुपौल जिले के एक गांव हुलसा में हुआ था। बेमिसाल शख्सियत शारदा सिन्हा को बिहार कोकिला के अलावा भोजपुरी कोकिला, भिखारी ठाकुर सम्मान, बिहार रत्न, मिथिलि विभूति सहित कई सम्मान मिले हैं। शारदा सिन्हा ने भोजपुरी, मगही और मैथिली भाषाओं में विवाह और छठ के गीत गाए हैं जो लोगों के बीच काफी प्रचलित हुए। शारदा सिन्हा पिछले कुछ दिनों से एम्स में भर्ती थीं। सोमवार की शाम को शारदा सिन्हा को प्राइवेट वार्ड से आईसीयू में शिफ्ट किया गया था। इसके बाद जब उनकी हालत बिगड़ी तब उन्हें वेंटिलेटर सपोर्ट पर रखा गया। शारदा सिन्हा का ऑक्सीजन लेवल गिर गया था और फिर उनकी हालत नाजुक हो गई थी। शारदा सिन्हा मल्टीपल ऑर्गन डिस्फंक्शन स्थिति में थीं।
लोक गायिका शारदा सिन्हा का निधन