पूर्वांचल प्रहरी कार्यालय संवाददाता गुवाहाटीः दिल्ली स्थित असम हाउस में मुख्यमंत्री डॉ. हिमंत विश्व शर्मा की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट बैठक में बड़ा फैसला लिया गया। बैठक के बाद मुख्यमंत्री हिमंत विश्व शर्मा ने बुधवार को बड़ी घोषणा करते हुए कहा कि राज्य में गोमांस परोसने और खाने पर बैन लगा दिया है। राज्य सरकार ने रेस्तराओं,होटलों और सार्वजनिक स्थलों पर गोमांस परोसे जाने और खाने पर रोक लगाने का फैसला किया है। राज्य मंत्रिमंडल की बैठक में गोमांस सेवन पर मौजूदा कानून में संशोधन कर नए प्रावधानों को शामिल करने का निर्णय लिया गया है। मुख्यमंत्री शर्मा ने बताया कि अब असम में रेस्टोरेंट्स, होटलों, सार्वजनिक स्थलों और पब्लिक कार्यक्रमों में गोमांस परोसा नहीं जाएगा। मुख्यमंत्री डा.शर्मा ने मामले को साफ करते हुए कहा कि असम सरकार इससे पहले राज्य में मंदिरों के आस-पास 5 किलोमीटर के इलाके में गोमांस बेचने और खाने पर बैन लगाया था। अब सरकार ने इसे बढ़ाकर पूरे राज्य में बैन कर दिया है। सरकार के इस दिशा में पहला कदम में तीन साल पहले उठा था। मुख्यमंत्री शर्मा ने कहा कि असम मवेशी संरक्षण अधिनियम 2021 में संशोधन करते हुए उन क्षेत्रों में जहां हिंदू, जैन और सिख बहुसंख्यक हैं और जो मंदिर या सत्र वैष्णव मठ के पांच किलोमीटर के दायरे में हैं, वहां मवेशियों का वध और गोमांस की बिक्री प्रतिबंधित है। मुख्यमंत्री ने कहा कि हमने पहले असम में गोहत्या रोकने के लिए कानून बनाया था। जिससे गोहत्या को रोकने में काफी मदद मिली है, अब इसे पूरे राज्य में लागू करने की मंत्रिमंडल की मंजूरी दे दी गई है। आपको बता दें कि असम से कांग्रेस के सांसद रकिबुल हुसैन ने भाजपा पर आरोप लगाया था कि पार्टी ने नगांव जिले के सामगुड़ी विधानसभा क्षेत्र में मुस्लिम वोटरों को रिझाने के लिए बीफ पार्टी का आयोजन किया था। इस पर पलटवार करते हुए कुछ दिन पहले ही असम के मुख्यमंत्री शर्मा ने कहा था कि अगर असम कांग्रेस के अध्यक्ष उन्हें पत्र लिखकर बीफ बैन की मांग करें तो वह इसे लागू करने को तैयार हैं। हालांकि मुख्यमंत्री ने आज कहा कि कांग्रेस पार्टी राजनीतिक तृष्टिकरण के कारण सरकार के इस फैसले को समर्थन नहीं भी कर सकती है। उल्लेखनीय है कि सार्वजनिक स्थानों पर गोमांस की खरीद और बिक्री पर प्रतिबंध लगाए जाने के इस फैसले के बाद से ही राजनीति भी शुरू हो गई है। असम सरकार में मंत्री पीयूष हजारिका ने सोशल मीडिया साइट पर लिखा है कि मैं कांग्रेस को चैलेंज करता हूं कि वह असम सरकार के बीफ बैन के फैसले का स्वागत करे या फिर कहीं और जाकर सेटल हो जाए। उल्लेखनीय है कि भारत एक ऐसा देश है जहां लगभग 80 फीसदी आबादी हिंदू है। हिंदू गाय को पूजते हैं। यही वजह है कि देश में गोमांस पर पूरी तरह से प्रतिबंध लगाने की मांग लंबे वक्त से हो रही है। कुछ राज्यों में ऐसी व्यवस्था है भी, लेकिन अभी भी कई राज्य ऐसे हैं जहां गोमांस बेचने की छूट कानून में मिली हुई है। इन राज्यों में केरल, पश्चिम बंगाल,अरुणाचल प्रदेश, मणिपुर, मेघालय, मिजोरम, नगालैंड,त्रिपुरा, सिक्किम और लक्षद्वीप (केंद्रशासित प्रदेश) शामिल हैं। असम भी इन्हीं राज्यों में से एक था, लेकिन अब हिमंत सरकार के आज के फैसले के बाद वह गोमांस पर प्रतिबंध वाले राज्यों की सूची में शामिल हो गया है। जिन राज्यों में गोमांस पर पूरी तरह से बैन है। उल्लेखनीय है कि गोहत्या पर भारत में कोई केंद्रीय कानून नहीं है। अलग-अलग राज्य अपने अनुसार नियमों को तय करते हैं। जैसे हरियाणा में गो हत्या कानून के उल्लंघन पर एक लाख रुपये का जुर्माना और 10 साल की जेल की सजा का प्रावधान है। छत्तीसगढ़ एकलौता ऐसा राज्य है, जहां गो वंश के साथ-साथ भैंस के मांस पर भी बैन लगा है। बिहार, झारखंड, ओडिशा, तेलंगाना, आंध्र प्रदेश, तमिलनाडु, कर्नाटक, गोवा और केंद्र शासित प्रदेशों में दमन व दीव, दादर और नागर हवेली, पुड्डुचेरी और अंडमान निकोबार में आंशिक रूप से प्रतिबंध लगाया गया है।
गोमांस परोसने और खाने पर लगाया बैन