भारतीय नौसेना की सामरिक क्षमताओं को सुदृढ़ करने के लिए भारत सरकार ने फ्रांस से 26 राफेल-मरीन लड़ाकू विमानों की खरीद को मंजूरी दी है। इस सौदे में 22 एकल-सीटर और 4 दो-सीटर प्रशिक्षण विमान शामिल हैं। यह कदम भारतीय नौसेना की समुद्री शक्ति को बढ़ाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है।
इस सौदे के तहत, विमानों में स्वदेशी 'उत्तम' AESA रडार, 'अस्त्र' बीवीआर मिसाइलें और 'रुद्रम' एंटी-रेडिएशन मिसाइलों के एकीकरण की योजना है। हालांकि, इन उन्नत तकनीकों के एकीकरण में लगभग आठ वर्ष का समय लग सकता है। इसके अलावा, भारतीय वायु सेना की आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए, इस सौदे में लगभग 40 ड्रॉप टैंक और कुछ कार्य स्टेशनों को भी शामिल किया गया है।
यह सौदा भारतीय नौसेना के लिए समुद्री अभियानों में लंबी दूरी तक मार करने की क्षमता को बढ़ाएगा, जिससे भारत की समुद्री सुरक्षा और क्षेत्रीय प्रभावशीलता में वृद्धि होगी।