243 सदस्यीय बिहार विधानसभा चुनाव के लिए घोषणा होने के बाद बिहार के राजनीतिक दलों में सीटों के बंटवारे को लेकर खींचतान बढ़ गई है। चुनावी प्रक्रिया शुरू होने के बावजूद अभी तक राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) तथा महागठबंधन के घटक दलों के बीच सीटों के लिए घमासान जारी है। सत्ताधारी जनता दल यू पिछले विधानसभा चुनाव की तरह इस बार भी 115 सीटों पर चुनाव लड़ना चाहती है। भाजपा भी अपनी पूरी क्षमता के साथ चुनाव मैदान में उतरने की तैयारी में है। लेकिन लोक जनशक्ति पार्टी (लोजपा-आर), ङ्क्षहदुस्तानी अवाम मोर्चा (हम) सहित दूसरी सहयोगी पाॢटयों द्वारा ज्यादा से ज्यादा सीटों की मांग ने भाजपा और जदयू की ङ्क्षचता बढ़ा दी है। लोजपा-आर के प्रमुख चिराग पासवान 35-40 सीटों पर चुनाव लड़ना चाहते हैं, जबकि राजग उन्हें 20 से ज्यादा सीट देने के मूड में नहीं है। इसी तरह हम के प्रमुख एवं केंद्रीय मंत्री जीतन राम माझी कम से कम 15 सीट चाहते हैं। इसी तरह राष्ट्रीय लोक समता पार्टी के प्रमुख उपेन्द्र कुशवाहा भी गठबंधन से सम्मानजनक सीटों की संख्या चाहते हैं। वर्ष 2020 में हुए विधानसभा चुनाव में भाजपा ने शानदार प्रदर्शन किया था, जबकि जदयू ने 115 सीटों पर चुनाव लड़कर केवल 43 सीटों पर विजय हासिल की थी। इस हार के पीछे चिराग पासवान की रणनीति को जिम्मेवार ठहराया गया था, क्योंकि चिराग ने जदयू के सभी उम्मीदवारों के खिलाफ अपना उम्मीदवार चुनावी मैदान में उतारा था। उस चुनाव में लोजपा-आर को कोई सीट नहीं मिली थी, जबकि हम को चार विधानसभा सीटों पर जीत मिली थी। पिछले लोकसभा चुनाव में लोजपा-आर ने पांच में से सभी पांच सीटों पर जीत दर्ज की थी। इसी आधार पर लोजपा-आर इस बार ज्यादा सीटों की मांग कर रही है। राजग के सभी घटक दलों में सीट बंटवारे को लेकर सहमति बनाने के लिए लगातार बैठकों का दौर जारी है। महागठबंधन में भी सीट बंटवारे को लेकर महाभारत जारी है। राष्ट्रीय जनता दल (राजद) इस बार भी कम से कम 125 सीटों पर चुनाव लड़ना चाहती है। कांग्रेस ने अपने 76 उम्मीदवारों की सूची राजद को भेज दी है। कांग्रेस ने पिछले चुनाव में 70 सीटों पर प्रतिद्वंद्विता की थी जिसमें 19 सीटों पर जीत हासिल हुई थी। वामपंथी दलों ने 29 सीटों पर प्रतिद्वंद्विता कर 19 पर परचम लहराया था। वामदल अपने बेहतर प्रदर्शन के आधार पर कम से कम 40 सीटें देने की मांग कर रही है। मुकेश साहनी के नेतृत्व वाली वीआईपी 60 सीटों की मांग कर रही है। मुकेश साहनी का यह भी कहना है कि उन्हें उपमुख्यमंत्री का पद दिया जाए। महागठबंधन में झारखंड मुक्ति मोर्चा तथा राष्ट्रीय लोक जनशक्ति पार्टी के शामिल होने से महागठबंधन की परेशानी बढ़ गई है। महागठबंधन में कांग्रेस, राजद तथा वीआईपी के लिए एक-एक उपमुख्यमंत्री का पद देने की बात चल रही है। प्रशांत किशोर की जनसुराज पार्टी के मैदान में उतरने से संघर्ष त्रिकोणीय हो गया है। प्रशांत किशोर की पार्टी सभी 243 सीटों पर चुनाव लड़ेगी, जिसमें 51 उम्मीदवारों की पहली सूची जारी भी हो गई है। कुल मिलाकर बिहार के सभी राजनीतिक पाॢटयों के दफ्तर में उम्मीदवारी के लिए खींचतान अंतिम चरण में है।